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दाम नहीं बढे़ तो दूसरे राज्यों को देंगे गन्नाः भाकिय

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने चेतावनी दी है कि यदि उत्तर प्रदेश में गन्ने का दाम नहीं बढ़ाया गया तो किसान उत्तराखंड और हरियाणा की चीनी मिलों को गन्ना बेचने पर मजबूर होंगे।

भाकियू ने मंगलवार को यहां विधानसभा घेरने का एलान कर रखा था लेकिन, प्रशासन ने उन्हें चार-बाग रेलवे स्टेशन के पास ही एक मैदान में सभा के लिए समेट दिया। उन्हें विधानसभा कूच की अनुमति नहीं दी गई।
किसानों की महापंचायत में ऐलान किया गया कि राज्य सरकार ने गन्ने का वाजिब दाम नहीं दिलाया तो किसान सीमावर्ती उत्तराखंड और हरियाणा की चीनी मिलों को अपना गन्ना दे देंगे। 

भाकियू अध्यक्ष महेन्द्र सिंह टिकैत मंगलवार को सुबह हजारों किसानों के साथ यहां पहुंचे। टिकैत ने पत्रकारों से कहा कि जिला प्रशासन ने भी किसानों को दोयम दर्जे का नागरिक समझा और उनके नागरिक अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।

भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ज्यादातर निजी चीनी मिलें 200 रुपए से 215 रुपए प्रति कुंतल की दर से गन्ने का दाम देने को तैयार हैं। लेकिन यह हरियाणा और उत्तराखंड से कम हैं। इन दोनों राज्यों की सरकारों ने 240 से 250 रुपए प्रति कुंतल की दर से गन्ने का दाम घोषित किया है।

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