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मां अनुसूया से मिलने चलीं देवियां

पांच देवियां डोलियों में सवार होकर अनुसूया मंदिर पहुंची। उनके साथ सैकड़ों भक्त भी मां अनसूया के दरबार में पहुंचे, जहां रातभर जागरण होगा तथा नि:संतान दंपति संतान की कामना के लिए भगवती अनसूया की पूजा-अर्चना करेंगे। दत्तात्रेय जयंती पर आयोजित होने वाला अनुसूया मेला मंगलवार से शुरू हो गया।

इस अवसर पर सगर, देवलधार, कठूड़, बणद्वारा तथा खल्ला की देवियां सुंदर डोलियों में सजकर अनुसूया मंदिर मार्ग के प्रवेश द्वार पर पहुंची। पांचों देवियों ने बहनों का रूप धारण कर अनसूया के लिए प्रस्थान किया। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु भी माताओं का जयकारा करते हुए अनसूया मंदिर रवाना हुए। अनुसूया मंदिर में मंगलवार को रातभर देवी का जागरण होगा, जहां भक्तजन भजन और पूजा-अर्चना करेंगे।

वहीं, नि:संतान दंपति भी संतान की कामना के साथ माता के दरवार में पहुंचे हैं। वे रातभर जागरण करेंगे। मंदिर के पुजारी वाचस्पति सेमवाल ने कहा कि ऐसे श्रद्धालुओं को स्वप्न में किसी फल अथवा देवी के स्वरूप का दर्शन होता है तो मान्यता है कि उनके घर में संतान पैदा होगी।

इससे पूर्व मेले का उद्घाटन बदरीनाथ के विधायक केदार सिंह फोनिया एवं जिला पंचायत अध्यक्ष विजया रावत ने संयुक्त रूप से किया। विधायक केदार सिंह फोनिया व जिला पंचायत अध्यक्ष विजया रावत ने देवियों की डोलियों की पूजा अर्चना की तथा स्थानीय परंपरानुसार उन्हें वस्त्र भेंट कर रवाना किया।

इस अवसर पर दशोली के प्रमुख भगत सिंह बिष्ट, मंदिर समिति के अध्यक्ष कुंवर सिंह बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य नंदन सिंह बिष्ट, अनुसूया मंदिर के पुजारी परिवार के सदस्य, मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष बीएस झिंक्वांण तथा पांचों देवियों के पुजारी उपस्थित थे।

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