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खाद्यान्न घोटाले में डीआरडीए के वित्त व लेखाधिकारी गिरफ्तार

वर्षो पहले एसजीआरवाई के तहत जिले में हुए करोड़ों रुपये के खाद्यान्न घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने लखनऊ में मंगलवार को डीआरडीए के वित्त व लेखाधिकारी व दो जिला पंचायत सदस्य व एक पूर्व डीडीसी को गिरफ्तार कर लिया।

एक दिन पहले ही सीबीआई ने डीआरडीए के कनिष्ठ लिपिक व कई कोटेदारों को चंगुल में ले लिया था। घोटाले की जांच पहले भी हो चुकी है जो सीबीसीआईडी, ईओडब्लू व एसआईटी ने की थी।

वर्षो पहले जिले में हुई खाद्यान्न घोटाले की सीबीआई जांच का असर दिखने लगा है। सीबीआई ने चालाकी के साथ एक-एक आरोपित को गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। सीबीआई ने डीआरडीए के वित्त व लेखाधिकारी सतेन्द्र कुमार गंगवार, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य अक्षय लाल यादव, जिला पंचायत सदस्य मुन्ना मौर्य व तेगा सिंह को बयान दर्ज कराने के लिए लखनऊ बुलाया था।

सूत्रों की मानें तो वे लोग कई बार अपना बयान देने के लिए लखनऊ गये और वापस आ गये। इस लिहाज उन्हें गिरफ्तारी का अंदेशा नहीं था लेकिन सोमवार को सीबीआई ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। एक दिन पहले भी सीबीआई को बयान देने के लिए पहुंचे डीआरडीए के एक कनिष्ठ लिपिक व कई कोटेदारों को गिरफ्त में ले लिया गया था।

सूत्रों की मानें तो सीबीआई घोटाले की जांच को अंतिम रूप दे चुकी है। कयास यह भी लगाया जा रहा है कि सीबीआई चाक-चौबंद तैयारी करने के बाद जिले में पहुंची है ताकि घोटाले में शामिल लोगों को गिरफ्त में लिया जा सके। सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने अभी तक घोटाले में शामिल छोटी मछलियों पर ही हाथ डाला है और बड़ी मछलियों पर हाथ डालने की फिराक में है।

कयास तो यह भी लगाया जा रहा है कि सीबीआई भी बड़ी मछलियों के पकड़ने के मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है क्योंकि उनके हाथ काफी लम्बे हैं। सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने करीब एक सौ से अधिक लोगों को घोटाले में सीधे-सीधे जिम्मेदार माना है जिसकी गिरफ्तारी भी तय है। उधर, जिले के डीआरडीए में खाद्यान्न घोटाले में गिरफ्तारी के बाद से हड़कम्प मचा है और कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है।

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  • Web Title:खाद्यान्न घोटाले में डीआरडीए के वित्त व लेखाधिकारी गिरफ्तार