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झारखंड के चुनावी वायदे में बिजली का मुद्दा गुल

झारखंड के ग्रामीण इलाकों में पिछले 20 वर्षों से अंधेरे में रह रहे लोगों को लग रहा है कि इस चुनाव में भी बिजली जैसा गंभीर मुद्दा नदारत है। धनबाद के लालगी टोला में रहने वाले श्यामलाल सिन्हा ने बताया हम पिछले 20 वर्षों से राजनीतिज्ञों के खोखले वादों से आजिज आ चुके हैं। जैसे ही चुनाव समाप्त हो जाएगा, हम लोगों की शामें फिर अंधेरे में गुजरेगी और राजनीतिज्ञ हमारी परेशानी भूल जाएंगे। लालगी टोला में बिजली नहीं है।

सिन्हा ने बताया कि रांची जिले के कांटे ब्लाक के बोदिया गांव में बिजली के खंभे तो दिख जाएंगे लेकिन अभी तक वहां बिजली नहीं पहुंच सकी है। इसी इलाके में रहने वाली सावित्री देवी का भी यही रोना है।

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, झारखंड में खासकर गांवों में बिजली मुहैया नहीं कराने को लेकर राज्य की बाबूलाल मरांडी, अजरुन मुंडा, मधु कोड़ा और शिबू सोरेन सरकार की खिंचाई कर चुके हैं।

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