class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ई-लर्निग

शिक्षा करियर की प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और इससे सामान्य ज्ञान में भी बढ़ोतरी होती है। इसी कारण ई-लर्निग कोर्स आया है। यह कोर्स उनके लिए है जिनकी रुचि स्कूल में न होकर इंटरनेट में होती है। कुछ ई-लर्निग कोर्सो को सरकारी तौर पर कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भी मान्यता दी गई है। ई-लर्निग का काम केवल विश्वविद्यालय में प्रवेश, सर्टिफिकेट या सामान्य ज्ञान बढ़ाना ही नहीं है। इसका काम विद्यार्थी को नई कंप्यूटरी भाषाएं सिखाना भी है।

जो लोग ई-लर्निग चुनते हैं वो अपनी योजना-कार्यसूची के अनुसार काम करते हैं। अन्य योजना कार्यसूची को स्कूल और वेबसाइट के हिसाब से निर्धारित करते हैं। ई-लर्निग चुनने वालों के लिए कॉलेज नियमित रूप से जाना आसान होता है। इसके फायदे और नुकसान दोनों ही हैं। इसकी कक्षा आम स्कूली कक्षाओं जैसी नहीं बल्कि विद्यार्थी की सहूलियत के हिसाब से होती है। ज्यादातर शिक्षक पसंद नहीं करते कि प्रत्येक विद्यार्थी के लिए अलग पाठ्यक्रम तैयार किया जाए। वह विद्यार्थियों से मेल-जोल बढ़ाने के लिए विचार-विमर्श फोरम और ई-मेल का रास्ता चुनते हैं।

विद्यार्थियों से अपेक्षा की जाती है कि वह इस कोर्स के दौरान धोखा न करें और न ही ऑनलाइन अपनी जगह किसी और को बिठाएं। उपकरण भी ई-लर्निग में अनिवार्य माने गए हैं। कोर्स में नाम लिखवाने वाले विद्यार्थियों के पास कंप्यूटर होना चाहिए। इस कोर्स को केवल लाइब्रेरी में पूरा करना संभव नहीं। लिहाज, ऑनलाइन कक्षाएं इसका अध्ययन का जरिया होती हैं। यह ऐसी कक्षा होती है जिसमें आप आवेदन अपनी क्षमता के अनुसार कार्य करते हैं। इस कक्षा में औपचारिकताओं की ज्यादा जगह नहीं होती।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:ई-लर्निग