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सितारों से आगे

पहिये के आविष्कार को सभ्यता की तरफ बढ़ाया गया इंसान का पहला सबसे बड़ा कदम माना जाता है। लेकिन आधुनिकता की तरफ बढ़ाया गया पहला बड़ा कदम दूरबीन के आविष्कार के साथ ही शुरू होता है। यह सिर्फ दूर की चीजें पास दिखाने वाला उपकरण भर नहीं था, यह एक ऐसी शुरुआत भी थी जिसने हमारे देखने, सोचने, समझने के ढंग और हमारी अवधारणाओं तक को बदल दिया। कहते हैं मूल रूप में टेलिस्कोप का आविष्कार डच वैज्ञानिक हैंस लिपरहे ने चार सौ साल पहले किया था और आविष्कार के बाद जब उन्होंने इसे पीजा केदार्शनिक गैलीलियो गैलीली को सौंपा तो यह सपने में भी नहीं सोचा था कि वे इस उपकरण से कितना बड़ा बदलाव ले आएंगे। सोचा तो शायद गैलीलियो ने भी नहीं होगा कि दूर आसमान की दुनिया जब आंखों के और करीब आएगी तो क्या-क्या बदलेगा। उन्होंने इस उपकरण में न सिर्फ सुधार किया, बल्कि इसकी मदद से रात-रात जगकर ग्रहों की गति के जो नक्शे बनाए, वे उन्हें इस नतीजे पर ले गए कि हमारे ब्रह्मांड का केंद्र सूर्य है, पृथ्वी नहीं। यही सच गैलीलियो ने जब दुनिया को बताया तो वेनिस की सत्ता ही हिल उठी। आसमान के किसी सच सेधरती की सत्ता हिलने के ऐसे उदाहरण इतिहास में कम ही हैं। खुद वेनिस की चर्च ने भी नहीं सोचा था कि दूरबीन नाम का एक छोटा सा उपकरण उसकी मान्यताओं को चुनौती दे सकता है, इसलिए उन्होंने गैलीलियो को दोषी माना। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, उन पर मुकदमा चला और उन्हें यातनाएं देकर यह स्वीकारने पर मजबूर किया गया कि उन्होंने जो कुछ भी कहा है वह झूठ है। उन्हें ताउम्र के लिए घर में नजरबंद कर दिया गया लेकिन दुनिया ने सच को जानने वाला उपकरण हासिल कर लिया था, इसलिए चर्च का यह दबाव ज्यादा दूर तक नहीं गया। गैलीलियो जरूर चले गए लेकिन दूरबीन ने उन्हें जो सच दिखाया था, वह जल्द ही दुनिया की स्थापित मान्यता बन गया।आज हमारे पास अंतरिक्ष को ज्यादा करीब से देखने या अंतरिक्ष को उसके भीतर जकर देखने के तमाम अत्याधुनिक और भारी भरकम उपकरण मौजूद हैं। हो सकता है कि उनके सामने गैलीलियो की दूरबीन कुछ बचकानी ही लगे। लेकिन आज की सारी उपलब्धियां चार सदी पहले बदली सामाजिक सोच की उस नींव पर ही खड़ी हैं।

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