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भूगर्भ जल के दोहन पर हो सकता है सजा का प्रावधान

प्रदेश सरकार निश्चित मात्र से अधिक भूगर्भ जल के दोहन पर सजा का प्रावधान कर सकती है। इस संबंध में नया कानून बनाया जा सकता है। मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में निर्देश दिए गए कि तेजी से गिरते भूगर्भ जल स्तर को रोका जाए। खासतौर से इसके औद्योगिक और वाणिज्यिक दृष्टि से प्रयोग पर पाबंदी लगाई जाए।

सूत्रों ने बताया कि बैठक में भूगर्भ जल स्तर के तेजी से गिरने पर चिंता जताई गई और इस संबंध में प्रजेंटेशन किया गया। बैठक में इस प्रस्ताव पर भी विचार किया गया कि भूगर्भ जल दोहन की जाँच के लिए एक सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों का गठन किया जाए। इन कंपनियों के पास भूगर्भ जल मामले में विशेषज्ञता होनी चाहिए।

ये कंपनियाँ प्रदेश सरकार की ओर से भूगर्भ जल की जाँच करके बताएँ कहाँ पर कितना पानी है और वहाँ से कितना पानी प्रयोग किया जा सकता है। बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि जहाँ पर पाइप से पानी की सप्लाई है वहाँ पर समरसेबिल पंपों के प्रयोग पर प्रतिबंध पर लगाया जाए। बैठक में इन प्रस्तावों के बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं किया जा सका। फैसले के लिए अभी एक-दो बैठकें और होंगी।

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  • Web Title:भूगर्भ जल के दोहन पर हो सकती है सजा