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ईडी, आईआरएस रपट के बाद होगा मैटास पर फैसला

ईडी, आईआरएस रपट के बाद होगा मैटास पर फैसला

सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वह मेटास कंपनियों के खातों के पुनरीक्षण के संबंध में कोई फैसला लेने से पहले प्रवर्तन निदेशालय और अमेरिका की आंतरिक राजस्व सेवा की रपटों को देखना चाहती है।

प्रवर्तकों द्वारा बही खातों में घोटाला किए जाने से प्रभावित सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी सत्यम की बैलेंसशीट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया चल रही है। कंपनी मामलों के मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय मेटास के मामले को भी देख रहा है।

हम खातों के पुनरीक्षण के संबंध में उसकी अंतिम रपट का इंतजार कर रहे हैं इसके अलावा हम हेराफेरी के जरिए सत्यम के धन को मैटास कंपनियों को हस्तांतरित करने के आरोपों पर प्रवर्तन दिशालायत्यर्पण निदेशालय और आईआरएस की अंतिम रपट का भी इंतजार कर रहे हैं।

सरकार ने जनवरी में सत्यम घोटाले का मामला सामने आने के बाद मेटास इन्फ्रा के बोर्ड में अपने कुछ सदस्यों कोनामित कर रखा है। उन्होंने कहा कि यह समझना है कि क्या उनका (सत्यम और मेटास) का संबध इस स्तर तक पहुंचा था जिसकी जांच करने की जरूरत है। अब हमारे पास कोई सूचना नहीं है।

खुर्शीद ने कहा कि ईडी और आईआरएस दोनों इसकी जांच कर रहे हैं और मंत्रालय उनसे रपट मिलने का इंतजार कर रहाहै। उन्होंने कहा कि मंत्रालय सत्यम के मामले में प्रगति से संतुष्ट है। यह एक कंपनी के बहुत जल्दी संकट से निकल पुनर्वास के सफर फर पर बढ़ने की सफलता की कहानी है।

आरोप है कि सत्यम के संस्थापक अध्यक्ष बी रामलिंगराजू ने कंपनी के लेखाजोखा में वर्षों तक कुल मिला कर 8000करोड़ रुपए का घपला किया था। सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज का टेक महिंद्रा ने अधिग्रहण कर लिया है जबकि मेटास कंपनियोंका नेतृत्व राजू के बेटों के हाथ में है।

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