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बाढ़ की समस्या पर पीएम को पत्र लिखा

मुख्यमंत्री मायावती ने प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह से प्रदेश में हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए केंद्र सरकार और नेपाल सरकार के बीच शीघ्र बातचीत करने का अनुरोध किया है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि प्रदेश के तराई और पूर्वी भाग में प्रत्येक वर्ष आने वाली बाढ़ का मुख्य कारण नेपाल से निकलने वाली नदियों में अप्रत्याशित रूप से ज्यादा पानी का आना है। इस संबंध में मायावती ने अपने गत वर्ष के तीन सितम्बर के पत्र का हवाला देते हुए कहा है कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए नेपाल से आने वाली नदियों के विभिन्न स्थलों से वर्षा की सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय जल आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश और बिहार से लगे नेपाल क्षेत्र में 42 हाइड्रो मेट्रालॉजिकल स्टेशन स्थापित किए जाने की योजना बनाई गई है। लेकिन अभी तक प्रदेश स्तर पर वर्षा के आँकड़े केवल आठ स्टेशनों से और जल स्तर की सूचनाएं दो स्थानों से प्राप्त हो रही है।

उन्होंने इस सूचना तंत्र को और विकसित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में यह भी लिखा है कि भारत और नेपाल सरकार के बीच वर्ष 1996 में हुई महाकाली संधि के अन्तर्गत शारदा नदी पर पंचेश्वर परियोजना, घाघरा नदी पर करनाली बांध परियोजना और राप्ती नदी पर नामूरे-भालूभाग बहुद्देश्यीय परियोजनाएं स्थापित की जानी थीं।

जिससे सिंचाई और विद्युत की सुविधा के साथ प्रदेश में बाढ़ पर नियंत्रण किया जा सके, लेकिन अभी तक इन परियोजनाओं के निर्माण में भी अपेक्षित गति प्राप्त नहीं हो सकी हैं।

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