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नई तकनीक से नदियों का प्रदूषण रोकने की तैयारी

प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नदियों को औद्योगिक प्रदूषण से मुक्त करने के लिए नई तकनीक को अमल में लाने का फैसला किया है। जीरो टू जीरो सिस्टम नाम की तकनीक लागू करने के लिए  बोर्ड ने प्रस्ताव तैयार किया है। इसे मंजूरी के लिए शासन के पास भेजा गया है।

जीरो टू जीरो सिस्टम में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने प्रदूषण रोकने की पुरानी तकनीक का जिक्र करते हुए दावा किया है कि इस व्यवस्था के लागू हो जाने से नदियों में न नालों का गंदा पानी गिरेगा और न ही नदियाँ प्रदूषित होंगी। पहले बायो-कम्पोस्टिंग तकनीक अपनाई गई थी, जिसमें जमीन की जरूरत बहुत ज्यादा हाती थी और प्रदूषण नियंत्रण में भी ज्यादा कारगर साबित नहीं होती थी। उसके बाद प्लांट लगाने की व्यवस्था की गई, लेकिन उसके  रख-रखाव में काफी खर्च आता था।

लिहाजा अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मल्टी इफेक्ट इवापोरेटर विद ब्वायलर तकनीक इस्तेमाल करने की सलाह दी है। यह थोड़ी महँगी तकनीक है, लेकिन इससे नालों के प्रदूषित पानी को नदियों में गिरने से शत-प्रतिशत रोका जा सकेगा।

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