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विद्यार्थियों को कम्प्यूटर शिक्षा देने की योजना फाइलों तक

कक्षा 6 से 12 तक के स्टूडेंट्स को कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। स्कूल में कम्प्यूटर लैंब तो तैयार करा दिए गए लेकिन अभी भी कम्पयूटर उपलब्ध नहीं हो सके है। दूसरी ओर विभाग के अधिकारियों की अदूरदर्शिता के कारण शिक्षक भी स्कूल पर नहीं टिक नहीं पा रहे है। लिहाजा कम्प्यूट शिक्षा सिरे नहीं चढ़ पा रही है।

शिक्षा विभाग ने सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कम्प्यूटर एजुकेशन देने की योजना बनाई थी। लेकिन, कम्प्यूटर एजुकेशन की योजना कभी भी सिरे नहीं चढ़ पा रही है। इसका प्रमुख कारण संसाधनों की कमी और कम्प्यूटर शिक्षकों की सेलरी कम होना बताया जा रहा है। पहले शिक्षा देने के लिए टाटा इंफोटेक का विभाग के बीच समझौता हुआ था। लेकिन, उसने अपने हाथ पीछे खीच लिए। विभाग ने दोबारा से टेंडर निकाल कर इसकी शुरूआत की। बताया जा रहा है कि कंपनी ने टीचरों की सेलरी कम लगाकर टेंडर हासिल कर लिया, लेकिन अब इस रेट पर शिक्षक नहीं मिल पा रहे है।

दस लाख की लागत से सीनियर सेकेंडरी स्कूलों पर लैब बनकर तैयार हो गए है। लेकिन, अभी भी उनमें कम्प्यूटर उपलब्ध नहीं हो सके है। विभाग ने कुछ स्कूलों पर कम्प्यूटर उपलब्ध करा दिया है। वहां पर शिक्षक हीं नहीं है। शिक्षक आते भी है तो एक महीने बाद छोड़कर चले जाते है। दूसरी और बिजली कट से रही सही कसर पूरी हो जाती है।

हसला के प्रधान बालकिशन कहते है कि सरकार कम्प्यूटर शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। अक्सर स्कूलों पर स्ट्डी मैटेरियल, लैब और टीचर उपलब्ध नहीं है। सीनियर सेकेंडरी स्कूल भांगरौला के मनीराम ने बताया कि जेनसेट उपलब्ध कराया गया है। लेकिन अक्सर सिस्टम खराब होने की शिकायत रहती है। ठीक करने वाली कंपनी आजकल कर रहीं है। प्रिंसिपलों का कहना है कि ठेका लेने वाली कंपनी सुविधाए उपलब्ध कराने में ठिलाई बरत रही है। इसका खामियाजा स्टूडेंट्स को उठाना पड़ रहा है।

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