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डोंट वरी, फ्रेंड है न

डोंट वरी, फ्रेंड है न

जरा थोड़ी देर अपने दिमाग के घोड़े दौड़ाइए और गौर कीजिए कि आपके किस ब्वॉयफ्रेंड को आपका बर्थडे हमेशा याद रहा है? किसने आपके साथ शॉपिंग करने का भरपूर लुत्फ उठाया और किसने आपके ऑफिस में चल रही सारी पॉलिटिक्स को सुनने, समझने और उसका सही सॉल्यूशन देने में आपकी मदद की है? थोड़ी देर सोचने के बाद आपका दिलो-दिमाग कह उठेगा कि शायद किसी ने नहीं। अब यही टेस्ट अपनी फ्रेंड्स के साथ कीजिए, अब जवाब आएगा-बहुत सारी।

जी हां, हम सभी की लाइफ में कुछ ऐसी दोस्त होती हैं, जो हमारे अलग-अलग मूड और सिचुएशन पर फिट बैठती हैं और उनके साथ होने से ही हमारी मुश्किल पल भर में छूमंतर हो जाती है।

हमराज सहेली बोले तो सीक्रेट कीपर फ्रेंड
अपनी इस दोस्त के साथ आप बड़ी हुई हैं। चाहे स्कूल में हुआ कोई शार्ट टर्म क्रश हो या आपका लांग टाइम लव अफेयर, आपकी इस दोस्त को आपके सारे राज पता हैं। अपनी इस दोस्त के साथ आप अपने सारे सिक्रेट्स शेयर कर सकती हैं क्योंकि यह कभी भी आपके विश्वास को दगा नहीं देगी। बस जब भी मन में कोई राज हिलोरें मारे तो झट से अपनी इस हमराज को कह डालिए।

शॉपिंग पाटर्नर यानी हैंगआउट फ्रेंड
आपकी यह दोस्त ऐसी है कि जो ऐन मौके पर आपकी शॉपिंग की जरूरत को समझते हुए आपका साथ निभाती है। मसलन आपको ब्वॉयफ्रेंड के साथ डेट पर जाना हो या कॉलेज की कोई ग्रैंड पार्टी अटेंड करनी हो, तो आपके नए आउटफिट खरीदने से लेकर पार्लर में नया लुक पाने तक आपकी यह दोस्त कंपनी देने के लिए हमेशा तैयार खड़ी मिलेगी। यह आपको ब्वॉयफ्रेंड की तरह ब्रांडेड दुकानों में ले जाकर खड़ा नहीं करेगी और ट्रेंडी मार्केट में मनमाफिक आउटफिट की तलाश में दसियों शॉप खंगालने से भी पीछे नहीं हटेगी। बस एक फोन कॉल कीजिए और आपकी यह हैंगआउट फ्रेंड शॉपिंग में आपके साथ हो लेगी।

ऑफिस की गप्पू फ्रेंड
 भले ही लोग बैक-बाइटिंग को बुरा कहें लेकिन इस काम में आपको जो मजा आता है, उसे आपकी यह दोस्त अच्छी तरह समझती है। ऑफिस के कलीग्स की  पॉलीटिक्स समझनी हो या अपने बॉस का ’करेक्टर डिस्कशन’, आप अपनी इस सहेली के साथ जमकर दूसरों की भलाई-बुराई कर सकती हैं। सबसे अच्छी बात तो यह है कि आप अपनी इस ऑफिस की गप्पू फ्रेंड के साथ अपनी सेक्सी को-मेट्स के ड्रेसिंग सेंस का भरपूर मजाक भी उठा सकती हैं।

फ्लर्टी फ्रेंड
लाइफ में बाकी जरूरी कामों के अलावा एक काम और है, और वह है- जम कर मस्ती करना। आप जब भी अपनी इस दोस्त से मिलती हैं तो आपकी लाइफ उस दिन के लिए एडवेंचरस हो जाती है। इसकी कंपनी में आप कभी बोर फील नहीं करती क्योंकि इसे लाइफ को एंज्वाय करने के सारे गुण आते हैं। चाहे नयी सेटिंग या फ्लर्टिग करनी हो या डिस्को में थिरकने का मन हो, आपकी यह बिंदास दोस्त आपको हमेशा सुखद अहसास से तरोताजा कर देगी।

 सोल सिस्टर यानी एक दोस्त, हमेशा के लिए

बेशक आप दोनों का मिलना बहुत दिनों बाद होता है, लेकिन जब भी आप अपनी इस फ्रेंड से मिलती हैं तो आपके रिश्तों की गर्माहट में कोई कमी नहीं आती। भले ही यह आपकी करेंट लाइफ के हर पहलू से रूबरू न हो लेकिन यह आपके सपनों, आपकी महत्वाकांक्षाओं और सबसे ज्यादा आपको बेहतर ढंग से जानती है। क्या इससे बेहतर की किसी और से आप उम्मीद कर सकती हैं?

दोस्ती के तीन मंत्र
दोस्ती का रिश्ता मौज-मस्ती के लिए है। एक-दूसरे से खुश रहना और सुरक्षित महसूस करना। बातचीत, विश्वास और इज्जत खुशगवार रिश्ते की जान होती है। अब सवाल है कि दोस्तों की तादाद कितनी होनी चाहिए? दोस्तों की गिनती की सीमा  का कोई पैमाना नहीं है। लेकिन दोस्ती के 3 कायदे हैं, जो इस प्रकार हैं-

पहला, दोस्ती तुम्हारी पढ़ाई या प्रोफेशन में बाधक तो नहीं बन रही। अगर पढ़ाई ठीक-ठाक चल रही है और मार्क्स भी अच्छे हैं तो दोस्ती जारी रखो। लेकिन अगर मार्क्स गिर रहे हैं तो दोस्तों की तादाद और समय घटाना जरूरी है, क्योंकि दोस्ती बाधक बन रही है।

दूसरा, देखो कि कहीं दोस्ती तुम्हारी फेमिली लाइफ में दखलंदाजी तो नहीं दे रही। कैसे? क्या तुम्हारे मम्मी या पापा या फिर भाई-बहन तो नहीं कहते, ‘अरे, तुम्हारे पास हमारे लिए वक्त ही नहीं है। सारा टाइम दोस्तों के साथ लगे रहते हो।’ ऐसा है, तो दोस्ती कम करना जरूरी है। नहीं तो दोस्ती आराम देने की बजाय तंग कर रही है।

तीसरा, दोस्ती तुम्हारी पॉकेट मनी पर भारी नहीं पड़नी चाहिए। मिसाल के तौर पर, दोस्तों पर इस कदर न लट्टू हो जाएं कि अपनी जेब का ख्याल ही न रखें। घूमना-फिरना, खाना-पीना, मौज मस्ती और फोन। मोबाइल पर लम्बी बातें कहीं न कहीं तुम्हारी जेब का नुकसान करती हैं। इसलिए समझदार बनिए और दोस्त इतने बनाइए कि तुम्हारा ज्यादा नुकसान न होने पाए।

तो फिर अगर किशोर आप से पूछे कि कैसा दोस्त ढूंढ़ा जाए? तो उन्हें एक पते की बात बताइए- कम से कम एक ऐसा दोस्त जरूर बनाओ, जो मदद करे, उत्साह बढ़ाए और गलत करने की फटकार भी लगाए। हर कामयाब इंसान के पीछे 3 एफ होते हैं- फ्रेंड, फेमिली और फेथ। या कहें, दोस्त, परिवार और विश्वास।         

 

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