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जेएनयू प्रशासन अलर्ट

दिनदहाड़े साबरमती हॉस्टल में चल रही रैगिंग की घटना ने जेएनयू प्रशासन की आंखे खोलकर रख दी है। बुधवार को उजागर हुए रैगिंग के मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुरुवार को विभिन्न हॉस्टल वॉर्डन को कड़े दिशा-निर्देश जारी कर सीनियर छात्रों की गतिविधियों पर खास नजर रखने का आदेश दिया है। हॉस्टल प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि वह अपने स्टॉफ को मुस्तैद कर दे और दिन में समय-समय पर हॉस्टल का औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि कहीं किसी कमरे में रैगिंग तो नहीं हो रही।


विश्वविद्यालय के रैक्टर टू प्रो. रामाधिकारी कुमार की अध्यक्ष में हुए विशेष बैठक में एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न हॉस्टलों के वॉर्डन भी शामिल रहे। करीब दो घंटे तक चली बैठक में विश्वविद्यालय में हो रही रैगिंग पर चर्चा के साथ-साथ उन कारणों को भी तलाश गया जिसके परिणामस्वरूप अभी तक यह घटनाएं उजागर नहीं हो पा रही थी। बैठक में उपस्थित हॉस्टल वॉर्डन को निर्देशित किया गया है कि वह सुरक्षा के लिहाज से अपने-अपने हॉस्टलों में विशेष निगरानी रखें। हॉस्टल वॉर्डन को कहा गया है कि वह रैगिंग पर अंकुश लगाने के लिए न सिर्फ दिन व रात में औचक दौरा करें बल्कि वह सीनियर छात्रों की गतिविधियों पर भी नजर रखें। हॉस्टल स्टॉफ को भी वहां चल रही गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के लिए कहा गया ताकि कैम्पस में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के तहत रैगिंग को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जा सके। विश्वविद्यालय रजिस्ट्ररार प्रो. वी.के.जैन ने बताया कि रैगिंग को लेकर प्रशासन बेहद सख्त है और ताजा प्रकरण को देखते हुए रैक्टर टू रामाधिकारी कुमार खासे नाराज है। उन्होंने साफ तौर पर रैगिंग नियंत्रण के लिए हॉस्टल वॉर्डन के साथ-साथ चीफ प्रोक्टर व मुख्य सुरक्षा अधिकारी को भी आवश्यक कदम उठाने को कहा है।

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