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ताजा की गई भारत छोड़ो आंदोलन की याद

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित क्रांति स्तम्भ पर भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 12 अगस्त 1942 को कलेक्ट्रेट पर कब्जा कर तिरंगा फहराने के दौरान अंग्रेजों की गोली से घायल बीस स्वतंत्रता सेनानियो में से जीवित सर्वश्री दिवाकर सिंह सुबेदार मिश्र व केदार सिंह ने आज तिरंगा फहराया और शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

जिले के वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं 12 अगस्त 1942 को अंग्रेजो की गोली से घायल दिवाकर सिंह सुबेदार मिश्र व केदार सिंह ने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के भारत छोडो आंदोलन के क्रम में जौनपुर के सैकड़ों छात्रों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धावा बोलकर कब्जा कर लिया था और तिरंगा फहराया था।
 
इस पर अंग्रेजों ने उन पर गोलियां चलाई, जिसमें बीस छात्र घायल हो गए थे। इस घटना में घायल हुए लोगों में से बचे दिवाकर सिंह ने बताया कि उस समय छात्रों में इतना जोश था कि गोली लगने के बाद भी वे भारत माता की जय और अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा लगाते रहे।
 
उन्होने बताया कि देश के आजाद होने के बाद भी हर वर्ष बारह अगस्त को जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में अगस्त क्रांति की याद ताजा रखने के लिए क्रांति स्तम्भ पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाता है। आज भी स्वतंत्रता सेनानियों ने इस परम्परा को जीवित रखने का प्रयास किया।

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