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कामचोरी पर वेतन नहीं कटेगा, सस्पेंड होंगे अफसर, कमिश्नर ने ली आला अफसरों की क्लास

कामचोरी सरकारी दफ्तरों की लाइलाज बीमारी बन चुकी है। अफसर टाइम पर नहीं आते। बाबू अपनी टेबिल पर नहीं बैठते। लंच टाइम में निकलते हैं तो फिर लौटते ही नहीं। इससे दफ्तरों में कोई काम टाइम पर नहीं हो पा रहा। इसे लेकर कमिश्नर खासे नाराज हैं। उन्होंने मंडल के प्रमुख अफसरों को मेरठ बुलाकर जमकर क्लास ली है और कामचोरी करने वाले कर्मचारियों और अफसरों के कठोर एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, दफ्तरों की अचानक चैकिंग करने पर सीनियर अधिकारियों को हर बार स्टाफ की गैरहाजिरी से रूबरू होना पड़ रहा है। सीडीओ एस बिन सगीर ने पिछले दिनों विकास भपन में स्थिति कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया था, तो कई कर्मचारी और अधिकारी नदारद मिले थे। अस्पतालों के निरीक्षण में सात डाक्टर और स्कूलों से 28 टीचर गायब मिले थे। कार्रवाई के नाम पर इन सभी का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए मगर बाद में वह मामला भी मैनेज हो गया।

बाकी जिलों में हर बार यही कहानी दोहराई जा रही है। कर्मचारियों की वेतन कटौती के आदेश तो होते हैं मगर बाद में यह काम भी रुक जाता है। मंडलीय बैठक से लौटे डीडीओ वाईके उपाध्याय ने हिन्दुस्तान को बताया कि मंडलायुक्त एसके शर्मा ने अफसरों से साफ कहा कि वेतन कटौती दंड होता ही नहीं। डय़ूटी टाइम में दफ्तरों से गायब रहने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को पहली बार लिखित में चेतावनी जारी की जाए। फिर भी न मानें अगली बार उनकी सर्विस बुक में प्रतिकूल प्रवृष्टि और तीसरी बार भी इसी तरह की कामचोरी मिलने पर तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करा दिया जाए।

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  • Web Title:कामचोरी पर वेतन नहीं कटेगा, सस्पेंड होंगे अफसर