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बिजली-पानी से जनता हलकान

एक बार फिर बिजली पानी ने राजधानी में लोगों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है। राजधानी में सोमवार को लगभग 688 मेगावाट की कटौती की गई। कई-कई घंटे की बिजली कटौती और घरों के सूखे नलों ने लोगों को इस कदर बेचैन कर दिया कि वे सड़क पर आकर धरना प्रदर्शन किया।

सोमवार को बिजली की अधिकतम मांग 4103 मेगावाट रही। हालांकि बिजली कंपनियों ने नॉर्दर्न ग्रिड से अधिकतम 423 मेगावाट बिजली ओवर ड्रॉ की। बावजूद इसके नार्दर्न में फ्रीक्वेंसी कई बार डाउन रही। इस कारण रविवार रात और सोमवार दिन भर बिजली कटौती का सिलसिला चलता रहा।

रविवार रात लगभग दस बजे से सुबह साढ़े चार बजे तक 63 से 688 मेगावाट बिजली कटी। उत्तरी दिल्ली में 149 मेगावाट, दक्षिणी दिल्ली में 366 मेगावाट, पूर्वी दिल्ली में 80 मेगावाट की कटौती की गई। इसके बाद रविवार सुबह साढ़े दस बजे से बिजली कटौती का सिलसिला शुरू हुआ और दोपहर भर चलता रहा।

रात को कई घंटे बिजली न रहने पर मयूर विहार फेज-दो के लोगों ने बीएसईएस के स्थानीय कार्यालय पर धावा बोला और जमकर नारेबाजी की। अधिकारियों के समझने के बाद रात को तो लोग चले गए, लेकिन सुबह फिर बिजली जाने पर लोग एन.एच. 24 पर पहुंच गए और हाइवे जाम करने की कोशिश की। उधर अशोक विहार में भी लोगों ने बिजली के विरोध में प्रदर्शन किया।

बिजली के साथ-साथ पानी की भी किल्लत बढ़ती जा रही है। पानी की बूंद बूंद के लिए तरस रहे पहाड़गंज के लोगों ने सोमवार सुबह स्थानीय जल बोर्ड कार्यालय पर ताला जड़ दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि पानी या तो आता नहीं है और आता है तो गंदा आता है। इसकी कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

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