class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अब जितना चाहें निर्माण करा सकेंगे

राज्य सरकार ने आवासीय क्षेत्र की नई योजना न्यू टाउनशिप की नीति जारी कर दी है। इस नीति के  बिल्डरों को तमाम सहूलियतें मिलेंगी। वे जितना चाहें उतना निर्माण करा सकेंगे।

न्यू टाउनशिप में बिल्डर शैक्षिक, चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ इंजीनियरिंग और मेडिकल कालेज भी बनवा सकता है। बिल्डर चाहे तो अपनी योजना में मल्टीप्लेक्स, सिनेमा हाल, ग्रुप हाउसिंग, एकल हाउसिंग ,औद्योगिक विकास जैसी योजनाएँ भी शुरू कर सकता है। उसे मनोरंजन क्लब, पार्क और ग्रीन बेल्ट के लिए जमीन छोड़ना अनिवार्य होगा।

सरकार ने निर्णय लिया है कि  विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिषद और औद्योगिक विकास क्षेत्र के बाहर न्यू टाउनशिप विकसित की जाएगी। न्यू टाउनशिप के लिए आवास विभाग की ओर से बनाई गई नीति में कहा गया है कि न्यू टाउनशिप आधुनिक सुविधाओं, कुशल यातायात और नई परिवहन प्रणाली से सुसज्जित ऐसे शहर होंगे जहाँ पर्यावरण सुरक्षा अपने चरम पर होगी।

ये बड़े शहरों के बाहर विकसित की जाएँगी। एनएचएआई मार्ग, अन्य मुख्य मार्ग या रेलवे संपर्क को इन्हें विकसित करने के स्थान के मामले में प्राथमिकता दी जाएगी।

हाईटेक सिटी में विकासकर्ता कम्पनी के पास कम से कम 1500 एकड़ जमीन होना आवश्यक था, लेकिन न्यू टाउनशिप योजना में इसमें छूट दे दी गई है और उसे घटाकर एक हजार एकड़ कर दिया गया है। न्यू टाउनशिप योजना में निवेशक का चयन उसकी मजबूत वित्तीय स्थिति के आधार पर होगा।

 

 

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:न्यू टाउनशिप नीति में बिल्डरों की बल्ले-बल्ले