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गांव सिरहौलवासियों के शिकायत पर भूमिगत जल में हेक्जावेंलेंट क्रोमियम पाए जाने पर सेक्टर 18 स्थित मे. मुंजाल शोवा लि. को हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 15 दिन का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। क्रोमियम की वजह से भूमिगत जल मानव प्रयोग के लिए ठीक नहीं पाया गया है।

       ग्रामीणों से जून के महीने में एक शिकायत की  थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि सेक्टर 18 के मारूति औद्योगिक क्षेत्र के प्लाट नंबर 9-11 स्थित मे. मुंजाल शोवा लि. कंपनी  रसायनयुक्त अवशेष बिना शोधित किए जमीन में बोर करके डाल रही हैं। इससे भूमिगत जल मानव प्रयोग के लिए ठीक नहीं रह गया है।  ग्रामीणों ने अपने गांव के महावीर यादव के टयूबवेल से निकले पीले पानी से भरी बोतल भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दी थी।

       शिकायत मिलने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के गुडगांव क्षेत्रीय कार्यालय की टीम ने उक्त इकाई तथा गांव सरहौल के पानी के सैंपलों की जांच की जिसमें पाया गया कि पानी का रंग वास्तव में पीला पड चुका है। टीम ने सरहौल गांव के महावीर यादव तथा वीरेन्द्र सिंह के टयूबवेल से सैंपल लिए । टीम ने मुंजाल शोवा लि. का निरीक्षण किया जिसमें पाया गया है कि इस इकाई में इलेक्ट्रो प्लेटिंग प्रक्रिया की जाती है और दुपहिया तथा तिपहिया वाहनों के लिए शॉक आब्जर्वर का निर्माण किया जाता है। इकाई के परिसर का सर्वेक्षण करने पर टीम ने बताया कि उसमें बरसाती पानी की हारवेस्टिंग प्रणाली भी लगी हुई है जिसका सैंपल भी भरा गया। इसके अलावा इकाई परिसर में चार टयूबवेल भी लगाए हुए थे। वहां मौजूद इकाई के प्रतिनिधि ने बताया कि तीन टयूबवेल खराब अवस्था में है । एक का ही प्रयोग किया जा रहा है। खराब टयूबवेलों के पानी का रंग भी पीला पाया गया।

        सैंपल भरने के बाद पानी के नमूनों को पंचकूला की प्रक्रियाशाला में चेक करवाया गया जिसकी रिपोर्ट के अनुसार सिरहौल गांव के महावीर यादव के टयूबवेल के पानी में 8क् मिलीग्राम प्रति लिटर हेक्जोवेलेंट क्रोमियम पाया गया। इसी प्रकार वीरेन्द्र यादव के टयूबवेल के पानी में 32.12 मिली ग्राम प्रति लीटर क्रोमियम पाया गया। ये दोनों टयूबवैल 5क्क् फुट की गहराई के हैं। मुंजाल शोवा लि. के पानी के नमूनों में 1क्.87 मिली ग्राम प्रति लिटर हेक्जावेलेंट  क्रोमियम पाया गया। इस कंपनी के बरसाती पानी हारवेस्टिंग के लिए बनाए गए बोरवेल के पानी में भी 17.517 मिली ग्राम प्रति लीटर क्र ोमियम पाया गया जबकि पानी में क्रोमियम की अनुमोदित सीमा शून्य हैं।

         प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के गुडगांव क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा एक बार फिर सिरहौल गांव के महावीर सिंह तथा मुंजाल शोवा कंपनी के पानी के नमूने लिए गए जिनमें भी क्रोमियम की मात्रा अनुमोदित सीमा से कहीं ज्यादा पाई गई। नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी का कहना है कि इलेक्ट्रो प्लेटिंग प्रक्रिया ही क्रोमियम का प्रधान स्रोत है और इससे लगता है कि भूमिगत जल को दूषित  करने के लिए मुंजाल शोवा लि. गुडगांव ही जिम्मेदार है। इन पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्रीय अधिकारी ने उक्त इकाई के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही व भारी जुर्माने की सिफारिश की है। इस आधार पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन डा. एएस चहल ने कंपनी को वाटर प्रीवेंनसन एंड कंट्रोल आफ पॉल्यूशन की धारा 33-ए के अंतर्गत 15 दिन का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा कंपनी को दो करोड रूपए की एफडीआर या पांच करोड की बैंक गारंटी जो 31 मार्च 2012 तक मान्य हों, बोर्ड के पक्ष में देने के निर्देश जारी किए हैं। नोटिस में कहा गया है कि 15 दिन में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इकाई को बिना आगामी नोटिस जारी किए बंद किया जा सकता है।

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  • Web Title:रसायनयुक्त वेस्ट ने किया पानी को प्रदूषित