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होम्योपैथिक चिकित्सा राज्य मंत्री के दौरे ने राजधानी में चल रहे सरकारी होम्योपैथिक अस्पतालों की पोल खोल दी। अस्पतालों का बुरा हाल था।

सरकारी दवाओं की शीशी पर सरकारी मुहर नहीं थी। अस्पताल गंदे पाए गए। दवाओं के नाम व डोज इतनी खराब हैंडराइटिंग में लिखे थे कि मंत्रीजी उसे पढ़ नहीं पाए। राज्यमंत्री राजेश त्रिपाठी ने शनिवार को सबसे पहले सदर के होम्योपैथिक अस्पताल का निरीक्षण किया। यहाँ जुलाई माह में नए पुराने 912 मरीज देखे गए। लेकिन उन्हें दी गई दवाओं व डोज का साफ साफ उल्लेख नहीं था। आलमबाग के अस्पताल में गंदगी थी। दवाओं की शीशी पर सरकारी मुहर नहीं थी। राजजीपुर के अस्पताल में तो पौने बारह बजे एक द्वार बंद मिला। अंदर टूटे हुए कुर्सी मेज पड़े थे। राज्यमंत्री ने इसके लिए जिम्मेदार चिकित्सकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।  


 

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  • Web Title:खुल गई होम्योपैथिक अस्पतालों की पोल