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प्रकृति की पुकार सुनो रे भैया

जिस तरह धरती का तापमान बढ़ रहा है, फिर तो वह दिन दूर नहीं जब संपूर्ण संसार में भयानक तबाही होगी। ग्लोबल वार्मिग से प्रभावित तापमान वृद्धि का हिमालय पर पड़ने वाला प्रभाव स्पष्ट दिखाई देने लगा है। अब मध्य हिमालय की पहाड़ियों पर हिमपात नहीं होता। ग्लोबल वार्मिग जैसे गंभीर विषय पर हमारी सरकार भी हाथ पे हाथ धरे बैठी है। सरकार के लिए धारा-377 जसे विषय ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। हमारे देश के युवाओं को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए। उन्हें ये बात समझनी चाहिए कि उनकी इस गंभीर विषय के प्रति जगरूकता आवश्यक है। आर्कटिक और अंटार्कटिका में ध्रुवीय बर्फ पिघलने की वजह से समुद्र की सतह में बढ़ाव आने के कारण तटवर्ती इलाके डूब सकते हैं। हमें प्रकृति का सम्मान करना चाहिए जिससे हम उसका अस्तित्व बचा सकें और हमारा अस्तित्व भी खतरे में ना आए।
नेहा आनंद, शालीमार बाग, दिल्ली

ममता दी का स्टायल तो देखो
बुनकरों द्वारा बनाई गई पारंपरिक साड़ी में लिपटी, पैरों में हवाई चप्पल और कंधे पर झूलता झोला, यही है 54 वर्षीय रेलमंत्री ममता दीदी का चोला। जिस तरह फकीर अपनी कमली में खुश रहते हैं उसी तरह ममता बनर्जी कोलकाता के हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने साधारण से मकान में खुश हैं। रेलवे द्वारा लाखों लोगों को सफर कराने वाली ममता दी स्वयं अपनी पुरानी जेन कार में सफर करती हैं।
राजेन्द्र कुमार सिंह, रोहिणी, दिल्ली

इग्नू को हरियाणा का झटका
एक अजीबो-गरीब ख़बर है कि हरियाणा सरकार के हरियाणा लोक सेवा आयोग ने इग्नू की इंजीनियरिंग की डिग्री को अमान्य घोषित कर दिया है। इग्नू एक ख्याति प्राप्त विश्वस्तरीय खुला विश्वविद्यालय स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की याद में है, जिसका यह अपमान है और यहां के शिक्षित छात्र-छात्राओं के भावी जीवन के साथ खिलवाड़ है। योग्यता की असली परख पारदर्शी तरीके से प्रवेश परीक्षा के माध्यम से की जा सकती है क्योंकि आज व्यापक रूप से फैले भ्रष्टाचार के इस युग में मात्र डिग्री हासिल कर लेना ही कहां का मापदंड रह गया है? यदि डिग्रियां ही सब कुछ है तो फिर ये बेमतलब प्रवेश परीक्षाएं क्यों आयोजित की जाती हैं?
वेद, मामूरपुर, नरेला, दिल्ली

कृपया महिलाओं को सीट दें
राजनीतिक क्षेत्र में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को देने पर कितनी भी कवायदें चल रही हों, पर कुछ चीजें ऐसी भी हैं जहां बाकायदा महिलाओं हेतु लिखा होने पर भी उन्हें वह नहीं मिलता। सबसे ज्वलंत उदाहरण बसों का लिया ज सकता है, बसों में महिलाओं की सीटों पर कुछ पुरुष इत्मीनान से बैठ कर सफर करते हुए आसानी से मिल जाते हैं। यदि कोई ग्रामीण या अशिक्षित वर्ग की महिला सीट की मांग इन पुरुषों से कर दें तो ये पुरुष अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और बीमारी का बहाना बनाकर बैठे रहते हैं।
आरती टैगोर, जमिया, नई दिल्ली

ब्रह्मऋषि का चमत्कार
श्री कुमार स्वामी जी की बड़े-बड़े नेताओं ने भूरि-भूरि प्रशंसा की है। वे जीवन के कल्यार्थ दिव्य बीज मंत्र देते हैं। पर यह नहीं लिखा कि शुल्क कितना है। मैं स्वामी जी से प्रार्थना करता हूं कि ऐसे दिव्य मंत्रों को सर्वहिताय की दृष्टि से सार्वजनिक कर दें। गायत्री मंत्र जसे इस मंत्र का भी विद्वानजन लाभ उठाएं।
देवराज आर्यमित्र, हरिनगर, नई दिल्ली

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