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दिल्ली पुलिस आयुक्त वाई.एस.डडवाल बेशक महकमें में भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती से इनकार करें लेकिन सच्चई तो यह है थाना स्तर पर तैनात कुछ पुलिसकर्मी धड़ल्ले से अपनी जेब भर रहे हैं।

चाहे उन्हें इलाके में अवध निर्माण कराने के एवज में रकम मिले या फिर अवध बोरिंग के नाम पर उनकी जेब गरम हो। कुछ ऐसे ही आरोप के तहत ही नेब सराय थाने के एसएचओ समेत 14 पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर किया गया है। दक्षिणी रेंज के ज्वाइंट सीपी अजय कश्यप ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अवध निर्माण का आरोप लगने पर पुलिसकर्मियों को लाइन में भेज गया है। नेब सराय थाने को बने अभी साल भर नहीं पूरा हुआ है। पहले सैनिक फार्म के नाम से यहां चौकी होती थी। सीपी ने चौकी सहित आसपास के कुछ अन्य इलाकों को मिलाकर नेब सराय नाम से थाने की शुरूआत की थी। थाना खोलने का उद्देश्य था कि इलाके में कानून व्यवस्था की स्थिति की दुरूस्त बने लेकिन अवध निर्माण से लेकर अवध बोरिंग का काम धड़ल्ले शुरू  हो गया। बार-बार मिल रही शिकायत को देखते हुए गुपचुप तरीके से आला अधिकारियों ने इलाके के लोगों के आरोप की जंच कराई तो शिकायतें काफी हदतक सही साबित हुईं।

आरोप सही साबित होने पर एसएचओ अनिल कुमार, थाने में तैनात पांच हवलदार व आठ कांस्टेबल सहित करीब चौदह पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया गया। खासबात यह है कि लाइनहाजिर होने वाले पुलिसकर्मियों में से ज्यादातर की डच्यूटी सैनिक फार्म इलाके में थी। इन पर आरोप है कि इलाके में अवध निर्माण इनकी मिलीभगत से होता था। इस कार्रवाई से थाने में अफरा-तफरी मची हुई है। इस संबंध में दक्षिणी जिले के डीसीपी एच.जी.एस.धालीवाल से भी फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन बातचीत नहीं हो सकी। 

 

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  • Web Title:एसएचओ समेत 14 लाइनहाजिर