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शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी चलाने का किराया सरकार मात्र 700 रुपये देती है। आंगनबाड़ियों के लिए सरकार ने जगह नहीं उपलब्ध कराई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में यह मांग उभर कर आई कि सरकार या तो शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी सेंटर उपलब्ध कराए या किराया बढ़ाएं। कमला नेहरू पार्क में शनिवार को आंगनबाड़ी सेविकाओं और हेल्परों ने सम्मेलन कर अपनी मांगें दुहराई।

सम्मेलन की अध्यक्षता संतोष शर्मा और संचालन सरस्वती देवी ने किया। जबकि इसका उद्घाटन सीटू के जिला संयोजक सतबीर सिंह ने किया। इस मौके पर बादशाहपुर सर्किलन के सोहना की आंगनबाड़ी वर्करों ने बताया कि उनके यहां गांव के चौपाल पर आंगनबाड़ी सेंटर चलता था, उसे बंद करा दिया गया और लोग वहां ताश खेलते हैं। ऐसा कई गांवों में हुआ है। कई जगह की हेल्परों की शिकायत थी कि उन्हें कई महीने से वेतन नहीं मिला है। आंगनबाड़ी सेविकाओं और हेल्परों ने अपनी नौकरी स्थायी किए जने और योग्यता रखने वाली सेविकाओं के प्रमोशन की भी मांग रखी।

इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग की जिले की कार्यक्रम अधिकारी को नोटिस जरी किया गया इसमें उनकी समस्याओं पर दस दिन के भीतर बातचीत की मांग की गई है। ऐसा नहीं होने पर आंगन बाड़ी सेविकाएं कार्यक्रम अधिकारी के दफ्तर में प्रदर्शन करेंगी। सम्मेलन में आंगनबाड़ी सेविकाओं केहिसार में होने वाले राज्यस्तरीय और चंडीगढ़ में होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन की रूपरेखा पर विचार विमर्श हुआ

 

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  • Web Title:आंगनबाड़ी ताश खेलने वालों ने हटावा दिया