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राजद ने कहा है कि जदयू के विधान पार्षद संजय कुमार को किसी दूसरे पर आरोप लगाने के पहले नीतीश कुमार के कार्यकाल में हुई बहालियों की सच्चई का पता लगाना चाहिए। कुमार के रेल मंत्री रहते रेलवे की बहालियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी। लगभग साढ़े तीन सौ लोगों की बहाली हुई थी जिनमें अधिसंख्य एक ही जति और इलाके के थे। तब तो कुमार ने कहा था कि ऐसी बहालियों में मंत्री का कोई रोल नहीं होता है। फिर आज इसके लिए मंत्री जिम्मेवार कैसे हो गया।


पार्टी के प्रधान महासचिव रामकृपाल यादव ने संजय कुमार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का तोता बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपनी बातें अपने तोतों की जुबान से कहलवाते हैं। उनके पास कई तोते हैं लेकिन फिलवक्त संजय कुमार तोता नम्बर एक हैं। यह तोता पहले रामविलासजी के पास था लेकिन आजकल उड़कर नीतीश कुमार के पास चला गया है। उन्होंने कहा कि संजय कुमार को किसी पर आरोप लगाने के पहले अपने गिरेबां में झंकना चाहिए।

नीतीश कुमार के कार्यकाल में हुई नियुक्ितयों की जांच की मांग करनी चाहिए। इसके पहले उन्हें बहाली की प्रक्रिया भी जननी चाहिए। ऐसी बहाली रेलवे के जीएम करते हैं। इनमें मंत्री को कोई रोल नहीं होता है। अगर मंत्री का रोल होता है तो फिर पहले नीतीश कुमार अपने कार्यकाल में हुई बहालियों के दोषी हैं।

 

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  • Web Title:नीतीश के कार्यकाल में हुई बहालियों की जांच हो: राजद