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पथ निर्माण विभाग, सीतामढ़ी के कार्यपालक अभियंता योगेन्द्र पाण्डेय प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले की जंचअभी सीबीआई कर ही रही थी कि इस कार्यालय में पदस्थापित तीन महत्वपूर्ण कर्मचारियों का सीतामढ़ी से अन्यत्र तबादला कर दिया गया। इधर चार दिनों की जंच के बाद शनिवार को टीम पटना लौट गई।

मुजफ्फरपुर के अधीक्षण अभियंता रघुनंदन चौधरी द्वारा जारी तबादला आदेश में हेड क्लर्क  रामकृष्ण पाण्डेय व बीरेन्द्र कुमार तथा एकाउंट क्लर्क नुरुल अमीन को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित जगहों योगदान करने का निर्देश दिया गया है। ये तीनों वसे ही कर्मचारी हैं जिनके पास योगेन्द्र पाण्डेय से संबंधित संचिका और कई महत्वपूर्ण जनकारियां हैं। अधीक्षण अभियंता ने इस तबादले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह एक रूटीन ट्रांसफर है और वसे ही लोगों को स्थानांतरित किया गया है जो एक ही जगह तीन वर्षो से अधिक समय से पदस्थापित थे।

पर सूत्रों के अनुसार इन तीनों को सीतामढ़ी से स्थानांतरण की कहानी दूसरी है। बताया जाता है कि विभाग के एक प्रमुख अधिकारी पिछले दिनों दरभंगा गये थे। वहां से लौटने के क्रम में वह मुजफ्फरपुर रुके और उन्होंने ही इन कर्मचारियों को सीतामढ़ी से स्थानांतरित करने का मौखिक आदेश अपने मातहत को दिया था। अब सवाल यह उठ रहा है कि इन तीनों महत्वपूर्ण व्यक्ितयों के स्थानांतरण के लिए विभाग को तब क्यों सुझी जब योगेन्द्र पाण्डेय प्रकरण की सीबीआई जांच चल रही है। अब आशंका जतायी ज रही है कि कहीं जंच को प्रभावित करने के लिए तो इन कर्मचारियों का स्थानांतरण तो नहीं कर दिया।

 

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  • Web Title:योगेन्द्र पाण्डेय प्रकरण से जुड़े तीन कर्मचारियों का तबादला