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कांवड में शिक्षकों को आएगें पसीने

जिलाधिकारी आर मीनाक्षी सुंदरम के आदेश से जनपद के शिक्षकों को पसीने आ गए है। क्यूंकि कांवड के मददेनजर बच्चों की छुटटी कर दी गई है लेकिन शिक्षकों को विद्यालयों में आमद दर्ज करानी पड़ेगी। शिक्षकों को दूर-दराज के क्षेत्रों के विद्यालय पहुंचने पर बड़ी भारी दिक्कत का सामना करना पडेगा। खास तौर पर महिला शिक्षकों के होश उड़े हुए है।

कांवड मेले को देखते हुए जनपद की सभी शिक्षण संस्थाओं में 13 से 21 जुलाई तक अवकाश घोषित कर दिया है। बच्चों को आने-जने में तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए हर वर्ष की भांति डीएम ने यह निर्णय लिया है। कांवड में जितनी दिक्कत बच्चों को आने की बात पर गौर किया जता रहा है, उतनी ही दिक्कत का सामना अब शिक्षकों को करना पड़ेगा। अधिकांश विद्यालय में तैनात शिक्षक या शिक्षिकाएं दूर-दराज से डयूटी करने पहुंचती है। अब कांवड में भीड़-भाड़ मुख्य समस्या है।  सबसे बड़ी समस्या यातायात व्यवस्था की है, जिसमे भारी बदलाव किया गया है। आने-जने के लिए वाहन उपलब्ध नहीं हो पाता है।

 

खासकर देहात क्षेत्र के विद्यालयों में नियत समय से पहुंचना शिक्षकों के लिए चुनौती से कम नहीं होगा। हालांकि मुख्य मार्गो पर स्थित विद्यालयों में तैनात शिक्षक अपने दुपहिया वाहन से पहुंच सकते है और महिलाएं भी जसे-तैसे पहुंच ही जएगी। लेकिन दूर-दराज के क्षेत्रों के विद्यालयों मे तैनात शिक्षक-शिक्षिकाए सही समय से पहुंच भी पाएगे या नहीं, यह एक बड़ा सवाल है। यदि वे नहीं पहुंच पाते तो डीएम और विभाग के उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना ङोलनी पड़ेगी, ऐसे में उनके सामने दो तरफ मुसीबत खड़ी है। जिलाधिकारी चन्द्रकांता शर्मा से इस बारे में बात करनी चाही गई लेकिन मोबाइल फोन स्विच ऑफ होने पर जनकारी नहीं मिल सकी।

 

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