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किताबें न मिलने से दजर्नों विद्यालयों में शिक्षण कार्य ठप

सत्र शुरू होने के तीन माह बीत जने के बाद भी कई न्याय पंचायतों के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को किताबें नहीं मिल पाई है। जिससे इन स्कूलों में शिक्षण कार्य ठप पड़ा है। नतीजतन बच्चे स्कूल आने से कतरा रहे हैं। किताबें न होने से मास्साब को भी खाली बैठकर समय जाया करना पड़ रहा है।

सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में निशुल्क पुस्तकें वितरित की जती है। वितरण का जिम्माशिक्षा विभाग का है। विभाग द्वारा पुस्तकों का वितरण ब्लाक वार किया जता है। जहां से सम्बधित न्याय पंचायत के एनपीआरसी स्कूलों में पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित कराते  हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि शिक्षा सत्र के तीन माह बीत जने के बाद भी जनपद की तीन न्याय पंचायतों फेरूपुर, बादशाहपुर और लालढ़ांग स्थित पांच दजर्न से अधिक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को किताबें नहीं मिल पाई है।

पुस्तकें न होने के कारण इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य ठप है। हालांकि विद्यालय में शिक्षक तो आ रहे हैं लेकिन पुस्तकें न होने केचलते बच्चों को पढ़ा नहीं पा रहे हैं। इस स्थिति के चलते बच्चे स्कूल आने से कतरा रहे हैं।
फेरूपुर के एनपीआरसी  कुबेर दत्त से जब किताबें ना आने का कारण पूछा गया तो उन्होंने विभाग को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। साथ ही उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर वितरण को किताबें काफी कम संख्या में आई है। उन्होंने बताया कि उनके स्तर से इस बाबत अधिकारियों को शिकायतें की गई है। कमोबेश इस तरह की स्थिति बादशाहपुर और लालढांग न्याय पंचायत की भी है।

बहादराबाद ब्लाक की बीईओ आशा पैन्युली ने मामले से अनभिज्ञता जताई है। हालांकि उन्होंने बीआरसी में तैनात एनपीआरसी मांगेराम से इसकी जनकारी मांगी है। उन्होंने तीन-चार दिन में पुस्तकों के वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को निर्देशितकिया है।

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