class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कैग ने की सूचना प्रसारण मंत्रालय की खिंचाई

कैग ने की सूचना प्रसारण मंत्रालय की खिंचाई

भारत की सर्वोच्च लेखा परीक्षक संस्था नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने राष्ट्रीय प्रेस केन्द्र के निर्माण के लिए राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) को सात करोड़ रुपए की राशि अग्रिम तौर पर जारी कर देने पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की खिंचाई करते हुए वित्तीय मामलों में आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा है।

कैग ने शुक्रवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मंत्रालय ने यह पता लगाए बगैर एनबीसीसी को सात करोड़ रुपए अग्रिम तौर पर जारी कर दिया कि निगम ने इस काम को शुरू करने के लिए जरूरी तैयारियंा की है या नहीं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मंत्रालय ने जनवरी 2005 में समाचार पत्रों, समाचार एजेंसियों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए 35 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले राष्ट्रीय प्रेस केन्द्र की स्थापना को मंजूरी दी थी। इस परियोजना की प्रशासनिक मंजूरी उसी साल अप्रैल में मिली। मंत्रालय ने इस केन्द्र के निर्माण के लिए एनबीसीसी का चयन किया और फरवरी 2006 में एनबीसीसी के साथ इस संबंध में अनुबंध किया।

इस केन्द्र के संबंध में नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) केन्द्रीय लोकनिर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) और दिल्ली शहरी कला निगम (डीयूएसी) जैसे निकायों से अनुमोदन मिलने के पहले ही मंत्रालय ने मार्च 2006 को एनबीसीसी को इस परियोजना की कुल लागत के 20 प्रतिशत हिस्से के तौर पर सात करोड़ रुपए जारी कर दिया।

कैग ने कहा है कि मंत्रालय को अनुबंध की शर्तों को निर्धारित करने के मामले में जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। हालांकि मंत्रालय ने अक्तूबर 2007 में कहा था कि एनबीसीसी को सात करोड़ रुपए जारी किया जाना अनुबंध के अनुसार था लेकिन कैग ने रिपोर्ट में कहा है कि अनुबंध में गडबडियां थी और यह अनुबंध निधारित नियमों के तहत नहीं था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:कैग ने की सूचना प्रसारण मंत्रालय की खिंचाई