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प्रदर्शन के दौरान शिक्षक हुए उग्र, लाठीचार्ज

नियत वेतनमान, नियोजित शिक्षकों का सरकारीकरण व मूल्यांकन परीक्षा को रद्द करने समेत कई मांगों को लेकर नवनियुक्त प्राथमिक शिक्षक संघ व पंचायत-नगर प्राथमिक शिक्षक संघ सहित कई अन्य संगठनों के आह्वान पर राजधानी के गांधी मैदान से निकला प्रदर्शन आर ब्लॉक पहुंचने के बाद उग्र हो गया। पूरे रास्ते में शांतिपूर्वक आये हजारों प्रदर्शनकारी शिक्षक दोपहर बाद ढाई बजे जब बैरेकेटिंग के दूसरी ओर खड़े पुलिसकर्मियों पर पथराव करने लगे। इस पथराव में उधर से गुजर रहे रामनाथ यादव नामक बुजुर्ग का सिर फट गया। बाद में तेज हुई रोड़ेबाजी में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। पुलिस ने पहले तो पानी की बौछार कर प्रदर्शनकारियों को खदड़ने और शांत करने की कोशिश की, पर जब रोड़ेबाजी नहीं रुकी तो पुलिस ने डेढ़ दजर्न से भी अधिक आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज कर दिया। प्रदर्शनकारियों को जीपीओ के मेन गेट तक खदेड़ कर पीटा गया। इस दौरान जो भी शिक्षक पुलिस की लाठियों के जद में आए पुलिस ने उनकी जमकर पिटाई की। इस आपाधापी में लगभग एक घंटे तक हार्डिग पार्क रोड रणक्षेत्र में तब्दील रहा। शिक्षक नेताओं के मुताबिक उनके चार दर्जन से अधिक साथी पुलिस लाठीचार्ज में घायल हैं। इनमें कई महिलाएं भी हैं। घायलों का इलाज पीएमसीएच व हार्डिग रोड अस्पताल में कराया गया।

जब शिक्षक उग्र हुए उस वक्त प्रदर्शनकारी शिक्षकों को राजद नेता व विधान पार्षद नवल किशोर राय संबोधित कर रहे थे। शुरू में तो शिक्षकों ने भी मोर्चा लिया लेकिन बाद में पुलिस पर प्रदर्शनकारी भरी पड़ गए। उन्होंने रोड़ेबाजी तो बंद कर दी पर पुन: हार्डिग रोड में ही धरने पर बैठकर पुलिस और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। वहां मौजूद पुलिस के वरीय अधिकारियों ने भी प्रदर्शनकारियों की विशाल संख्या बल को देखते हुए धर्य से काम लिया और उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने पर राजी कर लिया। लगभग 3:45 बजे डीएम जीतेन्द्र कुमार सिन्हा और एसएसपी आर मलर विलि ने प्रदर्शनस्थल पर पहुंचकर उग्र शिक्षकों को समझने की कोशिश की।
अपनी नौ सूत्री मांगो को लेकर लगभग पचास हजर नव नियुक्त और नगर पंचायत शिक्षक शुक्रवार को गांधी मैदान से जुलूस की शक्ल में हार्डिग पार्क रोड में जमा हुए थे। पटना पुलिस ने भी पूर्व से इंतजम कर रखे थे। पटना पश्चिम के सिटी एसपी वरुण कुमार, एसडीओ सदर रावी रंजन, प्रभारी दंडाधिकारी डीएसपी टाउन, डीएसपी विधि-व्यवस्था, डीएसपी सचिवालय सहित गर्दनीबाग, सचिवालय, गांधी मैदान, हवाई अड्डा, बेउर व शास्त्री नगर के थानाध्यक्ष और सैप के जवान वज्र वाहन के साथ वहां मौजूद थे। सभा शांतिपूर्ण ढंग से चल भी रही थी कि अचानक रोड़ेबाजी शुरू हो गई।

हालांकि शिक्षक नेताओं का दावा है शिक्षकों ने रोड़ेबाजी नहीं की बल्कि सभा में घुस आए कुछ असमाजिक तत्वों ने उपद्रव मचाया। जब रोड़ेबाजी शुरू हुई तो कई नेता माइक पर रोड़ेबाजी बंद करने की बेअसर अपील करते रहे। आधे घंटे तक ईंट पत्थर चलते रहे। बाद में पुलिस द्वारा लाठी चार्ज और दौड़ाने के क्रम में कई शिक्षकों जिनमें महिलाएं भी है, घायल हो गई। आवेश में आए पुलिसकर्मियों ने सभा में भाड़े पर लायी गईं लगभग पचास कुर्सियां तोड़ दी। सभा सथल के पास लगायी गई तीन मोटरसाइकिल और नगर सेवा की एक बस भी पुलिस का निशाना बनी। सीटीसी के रंगरुटों ने इसके भी शीशे लाठियों से तोड़ डाले।

इस दौरान प्रदीप कुमार पप्पु सहित डेढ़ दजर्न शिक्षक नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में प्रदर्शनकारी गिरफ्तार शिक्षकों और लाठीचार्ज के लिए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। सीनियर एसपी ने लाठी चार्ज माले की छानबीन कराने का आश्वासन प्रदर्शनकारियों को दिया। हालांकि देर शाम तक सरकार के प्रतिनिधि से वार्ता को लेकर शिक्षक अड़े थे।

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