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केजी डी़-6 गैस से होगी 8.3 अरब डालर की बचत

केजी डी़-6 गैस से होगी 8.3 अरब डालर की बचत

रिलायंस इंडस्ट्रीज के पूर्वी तट केजी डी़-6 गैस फील्डस से उत्पादन शीर्ष पर पहुंचने से देश का करीब 8.3 अरब डालर सालाना बचत होगी। यह जीडीपी का 0.7 फीसदी है।


इनवेस्टमेंट बैंकर मोरान स्टैनले ने आरआईएल से संबंधित अपने रिसर्च नोट में कहा है कि केजी डी़-6 से 8 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन गैस की आपूर्ति के आधार पर, भारत 8.3 अरब डालर सालाना की बचत कर सकता है। आरआईएल फिलहाल 3.1-3.2 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन गैस का उत्पादन कर रहा है जो अगले छह महीने में 8 करोड़ घन मीटर रोजाना पहुंच सकता है।

इतनी मात्रा में गैस के उत्पादन से 2.6 करोड़ टन कच्चे तेल की बचत हो सकती। यह देश के मौजूदा मांग का करीब 17 फीसदी है। साथ ही यह उतना ही मात्रा है जितना ओएनजीसी घरेलू स्तर पर सालाना उत्पादन करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन गैस उर्वरक उद्योग को जाएगा और शेष में अधिकांश हिस्सा बिजली उद्योग को जाएगा। इसका आशय है कि 1.3 करोड़ टन या 50 फीसदी देश का उर्वरक उत्पादन और लगभग 12,500 मेगावाट बिजली उत्पादन (8 से नौ फीसदी) आरआईएल द्वारा उत्पादित गैस पर आधारित होगा।

 

 

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