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कर निर्धारण में 12 हजार करोड़ की चूक: कैग

कर निर्धारण में 12 हजार करोड़ की चूक: कैग

नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) ने प्रत्यक्ष कर निर्धारण में गलतियों के कारण सरकारी खजाने को 12,074 करोड़ रुपये की चपत लगने के लिए आयकर विभाग को आड़े हाथों लिया है।

कैग की प्रत्यक्ष कर संग्रह पर जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक आयकर और निगमकर निर्धारण में खामियों के चलते वर्ष 2007-08 के दौरान 18826 मामलों में सरकारी खजाने को 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।

संसद के दोनों सदनों में पेश इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कारोबार आय की गलत गणना के 5357 मामले सामने आए हैं, जिनसे वर्ष के दौरान 4081 करोड़ रुपये कर नुकसान हुआ। इसी प्रकार कर संबंधी दस्तावेज और कर भुगतान में देरी पर लगने वाले ब्याज के 1484 मामलों में 1660 करोड़ रुपये के कर राजस्व का नुकसान सामने आया है।

रिपोर्ट कहती है कि आय और उसपर कर गणना में गलतियों को 1512 मामले प्रकाश में आए, जिनमें 935 करोड़ रुपये के आयकर का नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ कई मामलों में कर और अधिभार की गलत दर लगाए जाने के भी कई मामले सीएजी की लेखापरीक्षा में सामने आए, जिनमें 536 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान पाया गया।

मूल्यह्रास, सरकार द्वारा ब्याज भुगतान तथा कंपनियों अथवा फर्मों के निर्धारण में की गई गलतियों से भी करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान सरकारी खजाने को उठाना पड़ा है। यहां तक कि पति-पत्नी और नाबालिक बच्चों आदि की आय सम्मलित करने के मामलों में हुई चूक से भी राजस्व का नुकसान हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक कुल मिलाकर 18,826 मामलों में सरकारी खजाने को 12,074 करोड़ रुपये का कर नुकसान हुआ।

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