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पॉप का बादशाह कहे जाने वाले दिवंगत अमरीकी गायक माइकल जैक्सन की असामयिक मौत ने भारत की हिन्दी पट्टी में भी उनकी बेशुमार लोकप्रियता को उजागर कर दिया है क्योंकि उनके निधन के लगभग एक पखवाडम्े के बाद भी देश के हिन्दी भाषी क्षेत्र का पूर्वी छोर समङो जाने वाले राज्य झारखंड में उनकी याद में आयोजित शोक सभाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है।राज्य के प्रमुख औद्योगिक नगर जमशेदपुर में शुक्रवार को भी जैक्सन को श्रद्धांजलि देने के लिए एक शोक सभा का आयोजन किया जाएगा।

महफिले अदब की ओर से आयोजित इस शोक सभा के अध्यक्ष एसआरए रिजवी छब्बन ने बताया कि इस सभा में साहित्य संस्कृति और अन्य क्षेत्रों से जुडम्े लोगों के साथ ही माइकल जैक्सन को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी। यहां एक होटल में सुबह नौ बजे से ‘यादे रफ्तगां’ के नाम से यह आयोजन होगा। इससे पहले बुधवार शाम जैक्सन के प्रशंसकों ने यहां टिनप्लेट कव्वाली मैदान में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इस दौरान लोगों ने मोमबत्तियां जला कर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की। उनके चाहने वालों ने इस अवसर पर कुछ गीत भी गाए। इस सभा में राजनीति दलों रेडक्रास सोसायटी लायंस क्लब तथा अन्य सामाजिक संगठनों से जुडम्े लोगों ने भी शिरकत की।

जैक्सन के एक स्थानीय प्रशंसक परमवीर ने कहा कि सेक्स स्कैंडलों और कई अन्य विवादों के चलते अपनी शुरुआती चमक को गंवा कर जीवन के अंतिम दिनो में लगभग गुमनामी की सी हालत में पहुंच गए जैक्सन की गत 25 जून को अचानक हुई मौत के बाद लोगों को उनकी कीमत का अंदाजा हुआ है। उनका कद ऐसा था कि वह भाषा की दीवारों को तोडम् चुके थे। उनके गाने अंग्रेजी नहीं समझने वालों को भी झूमने पर विवश कर देते हैं और उनके मनमोहक ठुमकों को तो किसी भाषा की जरूरत ही नहीं। (वार्ता)

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  • Web Title:हिन्दी पट्टी में भी गजब लोकप्रिय हैं जैक्सन