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लालटेन युग में जी रहा है कानपुर

शहर में हो रही बिजली की भारी कटौती से जनता बुरी तरह त्रस्त है। बिना किसी सूचना के बारह से चौदह घंटे तक बिजली कटौती होना आम बात है और क्या आम आदमी और क्या खास आदमी सब के सब बिजली की समस्या को लेकर जूझ रहे हैं।

यहां सबसे बड़ी परेशानी यह है कि जनता की इस परेशानी को सुनने वाला कोई नही है और जनता को बिना बिजली के लालटेन युग में जीना पड़ा रहा है। शहर में हो रही बिजली कटौती को लेकर जनता रोजाना आंदोलन कर रही है और जगह-जगह रास्ता जाम कर रही है लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नही है।

इस बारे में भारतीय जनता पार्टी के विधायक सतीश महाना कहते है कि चूंकि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता आम जनता को बिजली पानी मुहैया कराने की बजाये अम्बेडकर पार्क और मूर्तियों पर करोड़ो रूपए खर्च करना है इसलिये जनता को परेशानियां तो झेलनी ही पड़ेगी।

वह कहते हैं कि कानपुर एक औद्योगिक शहर है और यहां के छोटे-छोटे व्यापारी लघु उद्योगों के जरिये ही अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं, बिजली की कटौती से उनके उद्योग और व्यापार ठप्प पड़े हैं लेकिन इनकी सुनने वाला कोई नही है।

भाजपा विधायक महाना कहते हैं कि वह जनता के साथ बिजली कटौती को लेकर रोजाना बिजली अधिकारियों के समक्ष आंदोलन करते हैं और उन्हें ज्ञापन देते हैं लेकिन उसके बावजूद शहर में रोजाना 12 से 14 घंटे की बिजली कटौती होती है।
    

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