class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

न्यायिक सेवा पर 15 राज्यों, 12 हाईकोर्ट की राय

न्यायिक सेवा पर 15 राज्यों, 12 हाईकोर्ट की राय

सरकार ने गुरुवार को कहा कि अखिल भारतीय न्यायिक सेवा की स्थापना के बारे में अब  तक 15 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों एवं 12 उच्च न्यायालयों की राय मिली है। विधि मंत्री वीरप्पा मोइली ने लोकसभा में लिखित उत्तर में यह बताया।

विधि और न्याय मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने लोकसभा में  टीआर बालू के प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि चूंकि अखिल भारतीय न्यायिक सेवा की स्थापना में राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों का सहयोग अपेक्षित होगा, इसलिए राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों से उनके विचार और टिप्पणी  मांगी गयी है।

उन्होंने कहा कि सभी राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों से विचार प्राप्त होने के बाद मामले की समीक्षा की जाएगी। देश के विभिन्न न्यायालयों में सुनवाई में हिन्दी को बढ़ावा देने के बारे में रवीन्द्र कुमार पांडेय के प्रश्न के  उत्तर में मोइली ने कहा कि सुनवाई में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने संबंधी विषय उस राज्य के उच्च न्यायालय के परामर्श से संबंधित राज्य सरकार में निहित होता है।

उन्होंने कहा कि अब तक चार राज्यों बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के राज्यपालों ने अपने राज्यों के उच्च न्यायालयों में होने वाली कार्यवाहियों और साथ ही निर्णयों, डिक्रियों आदि में अंग्रेजी भाषा के अतिरिक्त हिंदी के प्रयोग को प्राधिकृत किया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:न्यायिक सेवा पर 15 राज्यों, 12 हाईकोर्ट की राय