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प्रश्न पे-हाइक का

हम में से कई लोग ऐसे हैं, जो वेतन को लेकर ज्यादा सौदेबाजी को तरजीह नहीं देते। लेकिन ये मसला इतनी आसानी से छोड़ दिए जाने का नहीं है। क्या आपको अपने ही वे साथी नजर नहीं आ रहे, जो आपके समकक्ष पदों पर बेहतर पैकेज पर काम कर रहे हैं, और यही जॉब मार्केट उनको काम और तजुर्बे की पूरी कीमत दे रहा है? तो बेहतरी इसी में है कि पूरी तैयारी के साथ पे-हाइक के मामले को संबंधित अधिकारियों के सामने उठाया जए। इस संवेदनशील मसले को उठाते समय कुछ बातें जरूर ध्यान में रखें।

- आप जिस वेतन वृद्धि के हकदार हैं, उसे हासिल करने के लिए सही योजना बनाएं। इसके लिए अप्रैजल और परफॉर्मेस को आधार बना कर मैनेजर से बात कर सकते हैं।

-  अपनी स्किल्स का मूल्यांकन जॉब की जरूरतों के साथ उनकी प्रासंगिकता की मैचिंग करें। साथ में अपनी पिछले दिनों की उत्पादकता का हवाला देकर पे-हाइक का दावा पेश कर दें। चाहें, तो अपनी उन स्किल्स को भी भुना सकते हैं, जिनकी कीमत कंपनी के बाहर काफी ज्यादा है।

- वेतन-वृद्धि पर बात करते समय लचीला रुख अपनाएं। खासकर आनुषांगिक लाभ (पक्र्स) के मामले में उदार रहें, क्योंकि ये कैश क्रंच का दौर है। अपना केस तथ्यों के सहारे मजबूत करें। अपनी मांग को बॉस की निगाह से देखने और समझने से परहेज न करें। लेकिन मांग साफ होनी चाहिए, बढ़ोत्तरी की रकम खुलकर बताने में संकोच न करें।

-  इस कवायद में कुछ चीजों से बचकर भी रहना चाहिए। जैसे कि अपनी जरूरत को मांग का आधार न बनाएं, अवास्तविक मांग न रखें, नियोक्ता को ब्लैकमेल करने की कोशिश न करें और ये मानकर न चलें कि आपका काम खुद बोलेगा।

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