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वर्ल्ड क्लास सिटी में बढ़ रहे पीडोफाइल्स

ग्रेटर नोएडा के प्यावली गांव की चार साल की बच्ची से बलात्कार, ग्रेटर नोएडा कोतवाली के सिरसा गांव की मासूम लड़की से जबरदस्ती, ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में 11-12 साल की बच्ची को अगवा कर कई लड़कों ने मनमानी की..। जिक्र में आयी तीनों घटनाओं में दो समानता है- पहली मासूम बच्चियों पर शारीरिक जुल्म ढाया गया और दूसरी ऐसी घटनाएं ग्रेटर नोएडा में लगातार हो रही हैं। पिछले दो महीने में ऐसी एक नहीं, हो चुकी हैं कई घटनाएं। विशेषज्ञों की नजर में बच्चों का यौन शोषण करने वालों (पीडोफाइल्स) का इस तरह उभरना बहुत ही खतरनाक संकेत है।


विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी सैलानियों में पीडोफाइल्स की तादाद ठीकठाक देखी जाती है। भारत में उन्हें छोटी मासूम लड़कियां आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं और इन्हें मुहैया कराने वाले लोग एनसीआर में आसानी से मिल जाते हैं। लेकिन, ताज घटनाएं विदेशी संस्कृति के वहशी खुलेपन और विकृत मानसिकता के संयोग के साथ वर्ल्ड क्लास सिटी में जिस तरह सामने आ रही हैं, उससे ग्रेटर नोएडा का नाम सुनते ही लोग डरने लगे हैं। पिछले कई दिनों से महिलाओं पर कहर के कारण शहर चर्चा में है, लेकिन मासूम बच्चियों पर जुल्म से सभ्य समाज चिंतित हो उठा है।


मेट्रो मल्टीस्पेश्यिलिटी हॉस्पीटल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अजय डोगरा बताते हैं कि बच्चों का यौन शोषण करने वाले और ऐसा प्रयास करने वाले पीडोफाइल्स की संख्या बढ़ना खतरनाक है। डॉ. डोगरा के अनुसार मेडिकल टर्म में पीडोफीलिया के शिकार माने जाने वाले इन लोगों में दयाभाव नाम की कोई चीज नहीं होती। इनमें भगवान का वह डर नहीं होता जो हर इंसान में पाया जाता है। क्रूरता की हद को पार करते समय इन्हें कानून का कोई डर नहीं लगता, यानि अपराध के पहले ऐसे लोग परिणाम की चिंता नहीं करते हैं।

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  • Web Title:वर्ल्ड क्लास सिटी में बढ़ रहे पीडोफाइल्स