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बाघों की घटती संख्या पर सरकार चिंतित

मंगलवार को देश में बाघों की हत्याओं के बारे में चिंता का इजहार करते  हुए सरकार ने कहा कि अवैध शिकार के कारण सरिस्का और पन्ना अभ्यारण्य में बाघ दुर्लभ हो चले हैं।

देश में बाघों की घटती आबादी के बारे में ध्यानाकर्षण  प्रस्ताव का जवाब देते हुए पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री जयराम रमेश ने राज्यसभा में कहा कि देश में बाघों का शिकार जोरों पर है और बाघों की खाल की तस्करी मादक द्रव्यों के बाद दूसरे नंबर पर आता है। मंत्री ने विशेष रूप से राजस्थान और मध्य प्रदेश  को ऐसे शिकार के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश  दिया।

रमेश ने कहा कि पन्ना में शिकारी गिरफ्तार किये गये हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पायी। वन राज्यमंत्री ने मध्य प्रदेश सरकार से शिकारियों के खिलाफ कानूनी  कार्रवाई करने को कहा ताकि पन्ना को अन्य अभ्यारण्यों के लिए उदाहरण बनाया जा सके। बाघों के संरक्षण का जिम्मा राज्य सरकार पर ही नहीं छोड़ा जा सकता। विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे महत्वपूर्ण लोगों को ऐसे मामलों में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
जयराम रमेश ने केन्द्र सरकार ने बाघों की आबादी के संरक्षण में स्थानीय समुदायों को भी शामिल करने के लिए एक कार्यक्रम की शुरूआत की है और ऐसी पहली परियोजना कार्बेट पार्क में शुरू की गई है। जिसके सफल अनुभवों के बाद इस परियोजना को अन्य जगहों पर भी दोहराया जायेगा।

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