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व्रत और त्योहार

स्नान-दान की आषाढ़ी पूर्णिमा। गुरु पूर्णिमा। गुरु व्यास पूजा। मन्वादि पूर्णिमा। तीर्थ में स्नान। आषाढ़मासीय व्रत-यम-नियमादि समाप्त। सूर्य उत्तरायण। सूर्य उत्तर गोल। ग्रीष्म तु। सायं 3 बजे से सायं 4 बजकर 30 मिनट तक राहु कालम्।

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