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बजट भारत का..

शहरों में केंद्रित इंडिया की तरफ झुकी हुई उदारीकरण की नीति से गांवों में केंद्रित भारत पिछड़ न जाए, इस तरफ सरकार का पूरा ध्यान है। इसीलिए जनता ने संप्रग सरकार को दोबारा जनादेश दिया और सरकार ने भी 2009-2010 के बजट में जनता की उसी भावना के प्रति आभार व्यक्त किया है। सरकार की निगाह उत्तर प्रदेश जैसे राज्य के आगामी उपचुनावों और महाराष्ट्र और झरखंड जैसे राज्यों के विधानसभा चुनावों पर हो सकती है, लेकिन ग्रामीण विकास योजनाओं पर जोर देने का मामला चुनाव के तात्कालिक लाभ से भी आगे राजनीति और अर्थव्यवस्था के दीर्घकालिक लक्ष्यों से जुड़ा हुआ है।

यह राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (नरेगा) जसे कार्यक्रमों का ही असर था कि विश्वव्यापी मंदी का भारत के गरीबों पर खास असर नहीं हुआ। बल्कि इन योजनाओं ने भारत के चारों तरफ एक कवच का निर्माण कर लिया। दूसरी तरफ राजनीतिक रूप से कांग्रेस की मजबूती और वामपंथी दलों के पराभव का राज भी यही है कि कांग्रेस ने बिना शोर मचाए समाजवादी एजेंडे को आत्मसात कर लिया है। इसी नाते सरकार ने इस बजट में समावेशी विकास के कार्यक्रम को गहराई के साथ व्यापक प्रसार देने का लक्ष्य रखा था।

नरेगा जैसे कार्यक्रमों की आवंटन राशि 144 प्रतिशत बढ़ा दिए जने और खाद्य सुरक्षा अधिनियम लाए जने की तैयारी से इस दिशा में सरकार की गंभीरता प्रमाणित होती है। हालांकि खाद्य सुरक्षा का लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों तरह के गरीब उठा सकेंगे, पर जो गरीब है, वह है तो भारत का ही हिस्सा। पिछले कुछ सालों से पिछड़ती हुई खेती के कारण खाद्यान्न के दाम बढ़ने से गांव और शहर दोनों परेशान हुए हैं। इसीलिए कृषि ऋण का प्रवाह 2,87,000 करोड़ से बढ़ाकर 3,25,000 करोड़ रुपए किया गया है, तो दो हेक्टेयर से ज्यादा की जोत वाले किसानों को ऋण जमा करने में छह महीने की और छूट दी गई है।

भारत निर्माण पर ज्यादा ध्यान देते हुए इसकी राशि में 45 प्रतिशत का इजफा किया गया है, जिसमें 59 प्रतिशत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और 27 प्रतिशत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण की बढ़ोतरी है। गांवों से संबंधित सभी योजनाओं के लिए आवंटित राशि न सिर्फ बढ़ाई गई है, बल्कि गांवों के ढांचागत विकास के लिए 4,000 करोड़ का अतिरिक्त कोष भी दिया गया है। लेकिन सरकार ने भारत के लिए जो नेकदिली दिखाई है, वह तभी सार्थक हो सकती है, जब उन्हें लागू करने वाले माध्यम भी कुशल और पारदर्शी बनाए जाएं।

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