class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आम आदमी ही नहीं आम औरत भी बजट से खफा

संसद में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा वर्ष 2009-10 के लिए  पेश आम बजट को लेकर महिलाओं और महिला संगठनों ने निराशा जताई है।


अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) ने कहा कि बजट भाषणों से यह जाहिर हो गया है कि कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने केवल आम आदमी बल्कि आम औरत के साथ भी विश्वासघात किया है जिन्होंने हाल के आम चुनाव में इस गठबंधन के प्रति विश्वास जताया था। 


एडवा की अध्यक्ष सुहासिनी अली और महासचिव सुधा सुंदररमन ने कहा कि वित्त मंत्री ने केवल कारपोरेट क्षेत्रों को रियायतें देने की चिंता की जबकि महिलाओं के हितों की तरफ उन्होंने ध्यान देना भी जरूरी नहीं समझा। श्रीमती सुहासिनी अली और श्रीमती सुधा सुंदररमन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिलाओं के कल्याण के लिए काम करने वाले मंत्रालय का कुल आबंटन गत वर्ष के 466.5 करोड़ रुपए से घटाकर इस साल 385 करोड़ रुपए कर दिया गया। यह नहीं कामकाजी महिलाओं को इस बजट में कोई राहत या सहायता नहीं दी गई है। सरकार ने महिला हास्टलों के लिए बजट आबंटन को 20 करोड़ से घटाकर 10 करोड़ कर दिया है।


 उन्होंने कहा कि इस बजट में मंदी की मार ङोलती महिलाओं का ध्यान नहीं रखा गया है। महिलाओं की तस्करी रोकने पर पूर्व के बजट में दस करोड़ रुपए का आबंटन किया गया था जिसे घटाकर पांच करोड़ कर दिया गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आम आदमी ही नहीं आम औरत भी बजट से खफा