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बिहार में बजट को कुछ ने सराहा, कुछ ने कोसा

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा लोकसभा में सोमवार को पेश किए गए आम बजट पर बिहार के लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोगों ने इसे आम लोगों का बजट कहा है तो कुछ लोगों ने बजट में बिहार के साथ भेदभाव बरतने का आरोप लगाया है।

बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष क़े पी़ झुनझुनवाला ने आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बजट में कृषि एवं सामाजिक क्षेत्र के लिए काफी कुछ प्रावधान किए गए है परंतु लघु एवं कुटीर उद्योग तथा बिहार के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे कृषि को तो बढ़ावा मिलेगा परंतु छोटे उद्योग काफी प्रभावित होंगे।

 अधिवक्ता दीपक सिंह ने कहा कि बजट में बिहार के लिए कहीं कुछ नहीं किया गया है। बिहार के लोगों को आशा थी कि बजट में बिहार के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की जएगी तथा बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए कोई विशेष योजना का एलान किया जएगा परंतु बजट में इसकी चर्चा तक नहीं की गई। यह रवैया बिहार के साथ केन्द्र सरकार के भेदभाव को दर्शाता है।

पटना के जने माने चिकित्सक डॉ़ पी़ एऩ सिंह ने का कहना है कि बजट आमलोगों को केन्द्र में रखकर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ  जहां आयकर में बुजुर्ग व्यक्ितयों को काफी हद तक छूट दी गई है वहीं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युत योजना, शहरी गरीबों के लिए आवास योजना तथा किसानों को सस्ता ण देने की बात कही गई है।

पटना सचिवालय में कार्यरत योगेन्द्र पांडेय का कहना है कि प्रतिवर्ष 1़2क् करोड़ लोगों को रोजगार देने का बजट में प्रावधान स्वागत योग्य है परंतु कोसी नदी के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कोई राहत की घोषणा न करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

पटना के ए़ एऩ कॉलेज के छात्र निशांत का मानना है कि बजट में गरीब छात्रों के लिए शिक्षा ण पर ब्याज सरकार द्वारा चुकाने तथा सरकारी नियोजनालय को इंटरनेट से जोड़ने की वित्त मंत्री की घोषणा प्रशंसनीय है।

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