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जूनियर डाक्टरों की हड़ताल से मरीज बेहाल, निजी अस्पतालो की चांदी

उत्तर प्रदेश के मेडिकल कालेजों में जूनियर डाक्टरों की चल रही हड़ताल की वजह से बाधित हुई चिकित्सा सेवाओं
से मरीज बेहाल हो गए हैं लेकिन निजी अस्पतालों की चांदी है।

गोरखपुर, इलाहाबा,झांसी ,मेरठ ,आगरा और कानपुर मेडिकल कालेज के जूनियर डाक्टर नान प्रैक्टिसिंग एलाउन्स और संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के जूनियर डाक्टरों के बराबर वेतन की मांग को लेकर पिछली एक जुलाई से हड़ताल पर हैं। इस बीच मिली सूचना के मुताबिक आगरा मेडिकल कालेज के कुछ जूनियर डाक्टर काम पर वापस आ गए हैं।

गणोश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कालेज कानपुर में तैनात जूनियर डाक्टर्स एसोसिएशन के डा. शैलेष ने आरोप लगाया कि आगरा में मेडिकल कालेज प्रशासन ने काम पर नहीं लौटने पर कैरियर खराब करने की धमकी दी गई है। जूनियर डाक्टरों से कहा गया है कि उनके सत्र को छह महीने बढा दिया जाएगा इसीलिए वहां कुछ जूनियर डाक्टर काम पर लौट आए हैं।

हड़ताली डाक्टरों से हास्टल खाली करा लिए गए हैं। उन पर एसेंशियल सर्विसेज एण्ड मेंटेनेन्स ऐक्ट लगाने की भी चेतावनी दी गई है।

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  • Web Title:जूनियर डाक्टरों की हड़ताल से मरीज बेहाल