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बम भोले की गूंज और भगवाधारियों से भरी देवभूमि

उत्तराखण्ड के चप्पे-चप्पे में देवताओं के वास की मान्यता के चलते देवभूमि के नाम से विख्यात राज्य के विभिन्न जिलों में इस समय कावंड मेले के अवसर पर चारों तरफ बम भोले की गूंज के साथ भगवाधारियों की धूम मची हुई है ।

राज्य में प्रमुख रूप से गंगा  यमुना और पंचप्रयाग की नदियों से जल लेकर विभिन्न स्थानों पर जाकर भगवान शंकर का जलाभिषेक करने के लिये लाखों की संख्या में कांवडिये जमा हो चुके हैं । कांवडिये जहां  समूहों में जय भोले  बम भोले  हर हर महादेव के नारे लगाते हुये विभिन्न स्थानों पर रूके हुये हैं वहीं पहाडों की उंचाइयों से बहने वाली नदियों से जल इकटठा करने के लिये बसों और अन्य वाहनों से कांवडिये पहुंच रहे हैं ।

राज्य में एक आकलन के मुताबिक इस वर्ष करीब 70 लाख कांवडियों दवारा जल लेकर अपने इष्ट शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने की संभावना हैं । पिछले वर्ष पुलिस आंकडों के अनुसार करीब 60 लाख कांवडिये उत्तराखण्ड में एकत्रित हुये थे ।

 राज्य प्रशासन के सूत्रों के अनुसार कांवडियों दवारा जल भरने के बाद उन्हें सकुशल गंतव्य तक पहुंचाना
राज्य प्रशासन के लिये हर वर्ष एक बडी चुनौती होती है ।

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