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नरेगा के चक्कर में जिलों से पंचायत तक सब कुछ हुआ फास्ट!

नरेगा के चक्कर में जिलों से पंचायत तक सब कुछ फास्ट हो गया है। आनन-फानन में खूब योजनाएं चालू हो रही हैं। बिना यह सोचे और जाने कि ग्राम पंचायत को कितनी राशि आवंटित की गयी है और उससे कितनी योजनाएं पूरी हो सकती हैं। अब इस चक्कर में मजदूरों को मजदूरी के भुगतान में कठिनाई होने लगी है। योजनाओं का बंटाधार हो रहा है सो अलग।


सूत्रों की मानें तो यह पूरा खेल कमीशन के चक्कर में हो रहा है। एक साथ कई योजनाएं शुरू कर देने पर कमीशन के स्रोत भी बढ़ जाते हैं। योजनाएं पूरी हों चाहे अटकी रहें कुछ लोगों की जेबें जरूर भर रही हैं। केन्द्र और राज्य सरकार को जब इस खेल का पता चला तो वह हरकत में आ गयी। सरकार को पता चला कि राज्य के कई जिलों में मजदूरों द्वारा काम की मांग को नजरअंदाज कर एक साथ कई योजनाओं को चालू कर दिया जा रहा है। इन योजनाओं की लागत ग्राम पंचायत को आवंटित राशि से कई गुना अधिक हैं जिसके चलते योजनाएं अधूरी रह जा रही हैं। इस चक्कर में मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान करने में भी परेशानी हो रही है। ऐसी कई शिकायतें ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद से भी विभाग को मिल रही हैं कि मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल रही। राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने भी इसकी पुष्टि की है। इस गड़बड़झले के खुलासे के बाद राज्य के ग्रामीण विकास विभाग ने नरेगा की योजनाओं को बंटाधार से बचाने के लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किया है। कहा गया है कि कई जिलों में काम की मांग को ध्यान में रखकर योजनाएं प्रारंभ की जाएं। यदि दो योजनाओं के कार्यान्वयन से मजदूरों के काम की मांग पूरी नहीं हो रही है तो वैसी स्थिति में ही तीसरी योजना शुरू की जाए।


जिलाधिकारियों को जारी निर्देश में सरकार ने उन्हें यह भी याद दिलाया है कि नरेगा बिहार के अंतर्गत आजीविका सुरक्षा को सुदृढ़ करना मुख्य उद्देश्य है। लिहाजा काम की मांग के अनुरूप योजनाओं का क्रियांन्वयन कराएं। दरअसल पिछले दिनों उप विकास आयुक्तों की बैठक में यह बात भी सामने आयी कि अधिकतर जिलों को वर्ष 2009-10 में केंद्र के हिस्से की पहली किस्त की राशि विमुक्ति नहीं करायी जा सकी। कारण यह बताया गया कि संबंधित जिलों ने केन्द्र सरकार द्वारा की गयी आपत्तियों का निपटारा नहीं किया गया। विभाग ने जिलाधिकारियों को कहा है कि स्वीकृत आम बजट के अनुसार केन्द्रांश की राशि ससमय विमुक्त कराना सुनिश्चित कराएं।

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