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बसपा का पेट्रोल-डीजल के खिलाफ होगा प्रदर्शन

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया और मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को पार्टी बैठक में एलान किया कि यूपी में जब भी जरूरत होगी दलित जाति का व्यक्ति ही मुख्यमंत्री होगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान मीडिया इस तरह की अफवाह उड़ाता रहा कि मेरे केन्द्र की राजनीति में जाने पर सतीश चन्द्र मिश्रा या नसीमुद्दीन सिद्दीकी यूपी के मुख्यमंत्री हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि अगर वह पीएम बनतीं तो सतीश चन्द्र मिश्र और नसीमुद्दीन सिद्दीकी उनके साथ मंत्री बनते न कि यूपी के मुख्यमंत्री होते। क्योंकि यूपी का सीएम तो दलित जाति का व्यक्ति ही होगा। उन्होंने केन्द्र सरकार पर महंगाई पर काबू न पाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेसनीत संप्रग सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूर्णतया विफल रही है। उन्होंने केन्द्र द्वारा हाल ही में पेट्रोल-डीजल के दामों में की गई बढ़ोत्तरी के खिलाफ 22 जुलाई को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रदर्शन करने की घोषणा की।


बसपा मुखिया ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एमपी, एमएलए, मंत्री और पार्टी पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी संस्थापक स्व. कांशीराम ने हमेशा मनी, मीडिया और माफिया से दूर रहने की हिदायत दी थी। उन्होंने कहा कि इन तीनों के अलावा बसपा के विरोधी अब न्यायपालिका का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।  पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र अदालतों में प्रभावी पैरवी का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि केस तो कोई भी वकील लड़ सकता है लेकिन सतीश चन्द्र मिश्र का पार्टी से इमोशनल जुड़ाव है इसलिए वे सबसे बेहतर पैरवी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि  मिश्र के नाते-रिश्तेदारों को उनकी सरकार में पद इसलिए नहीं दिए गए हैं क्योंकि वे उनके नाते-रिश्तेदार हैं बल्कि उन्हें उनकी योग्यता के बल पर पद दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि काबीना मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी का भी कोई कद कम नहीं किया गया है उन्हें उन्होंने उपचुनाव वाली छह सीटों की जिम्मेदारी दी है। मिश्र और सिद्दीकी दोनों मेरी देखरेख में पूर्ववत सवर्णो और मुसलमानों को जोड़ने का काम करते रहेंगे।

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