class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

साढ़े सात सौ प्लाटों के लिए 63 हजर अर्जियां

प्रदेश में आवासीय समस्या किस हद तक बढ़ चुकी है, इसका अंदाजा आवास विकास परिषद में प्लाटों के लिए बिके प्रार्थना पत्रों से लगाया जा सकता है। प्रदेश भर में परिषद की विभिन्न योजनाओं के तकरीबन केवल साढ़े सात सौ प्लाटों के लिए 63 हजार से ज्यादा प्रार्थना पत्रों की बिक्री हुई है।


आवास विकास परिषद ने चार महीने पहले कानपुर, लखनऊ, बुलंदशहर, मेरठ, मुरादाबाद और फिरोजबाद में यह योजना शुरू की थी। इनमें विभिन्न श्रेणियों के प्लाट और मकान बिक्री के लिए प्रदर्शित किए गए। परिषद की योजनाओं में सबसे ज्यादा मारामारी प्लाट खरीदने वालों की थी। लेकिन प्लाटों की संख्या इतनी कम थी कि अधिकारियों ने अपने मोबाइल फोन तक बंद कर दिए। एक अधिकारी ने बताया कि पिछले दिनो जब ईडब्ल्यूएस भवन और भूखंडों की लाटरी निकाली जा रही  थी तब उन पर इतना ज्यादा दबाव पड़ रहा था कि उन्होंने अपने मोबाइल से लेकर घर के फोन तक को ऑफ कर दिया था। 

लखनऊ की वृंदावन योजना संख्या एक में 20 प्लाट,योजना संख्या तीन में 125 प्लाट,  वृंदावन योजना संख्या चार लखनऊ 159 प्लाट, गोकुलग्राम बीवीखेड़ा में 104 प्लाट, मझोला में 308 प्लाट, फिरोजबाद में 25 प्लाट  बिक्री के लिए प्रस्तावित किए गए। इनमें से एमआईजी और एचआईजी श्रेणी के भूखंडों की संख्या तकरीबन साढ़े चार सौ के आस-पास ही है। परिषद जुलाई के दूसरे पखवाड़े में अपनी इस योजना की लाटरी निकालने जा रहा है। परिषद के अधिकारी चिंतित हैं कि वह इतनी बड़ी संख्या में आवेदकों को कैसे संतुष्ट कर पाएंगे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:साढ़े सात सौ प्लाटों के लिए 63 हजर अर्जियां