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छोटे परदे पर दिख रहा है फिल्मों का असर

छोटे परदे पर दिख रहा है फिल्मों का असर

फिल्मों को बिग और सीरियल को स्मॉल स्क्रीन कहने का फैशन हमेशा से रहा है। लेकिन अब सीरियल या स्मॉल स्क्रीन का स्वरूप इतनी तेजी से बदल रहा है कि उसमें फिल्मों के अंशों, उसके बैकग्राउंड संगीत, थीम, कॉन्सैप्ट, म्यूजिक और यहां तक कि कहानी को भी ज्यों का त्यों लिया जा रहा है। पहले फिल्मों में गीतों को ही लिया जाता था, लेकिन अब उनकी कहानी, लुक, बैकग्राउंड को भी कापी किया जा रहा है।

सीता-गीता का रोमांच  
बी़ आऱ फिल्म्स के बैनर तले बनी सीता और गीता जी़ पी़ सिप्पी ने 1972 में बनाई थी, जिसमें हेमा मालिनी का डबल रोल था। अपने समय की इस सुपरहिट पर आधारित सीरियल एनडीटीवी इमेजिन पर है। इसमें सीता-गीता का अभिनय अंजोरी अलघ ने किया है। सुजेन खान, संजीव कुमार और गौरव दीक्षित ने धर्मेद्र का किरदार अदा किया है।

दक्षिण की राह भी पकड़ी
1990 में एक तेलुगु फिल्म अंजली आई थी, जिसके निर्देशक मणिरत्नम् थे। इस फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है।  फिल्म की कहानी एक ऐसी लडम्की पर आधारित थी, जो मानसिक रूप से कमजोर होती है। जीटीवी में नए सीरियल आपकी अंतरा में इस फिल्म की झलक दिखती है। 
अंजली में मुख्य किरदार श्यामली ने निभाया था, जिसे सरवोत्तम बाल कलाकार का अवॉर्ड मिला था। आपकी अंतरा में अंतरा का किरदार जाइना ने निभाया है। फिल्म और सीरियल में एक और बात समान है, वो यह कि अंजली का लगाव उसकी मां से ज्यादा उसके पिता से था, जबकि सीरियल में अंतरा की नजदीकी अपनी मां के मर जाने के बाद अपने पिता से सदृढम् होती है। 

दीया और टोनी भी मैदान में
जस्सी जैसी कोई नहीं के निर्देशक दीया सिंह और टोनी सिंह को भी फिल्मों की कहानी लुभा गई है। हाल ही में शुरू सीरियल भास्कर और भारती पर 2005 में रिलीज हुई अंतरा माली की  फिल्म मिस्टर या मिस की छाप दिखाई पड़ती है। इसमें ईजाज खान भास्कर और रागिनी खन्ना भारती का किरदार अदा कर रही हैं। ईजाज खान ने टीवी सीरियल्स के साथ फिल्मों में भी काम किया है। शो के प्रोमो देखकर ही सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह पूरी तरह से फिल्म की छाप दर्शा रहा है।

जोधा का लुक
चित्तौड़ की रानी पद्मिनी की शूटिंग के लिए जोधा अकबर के सेट इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं। शो का पहला प्रभाव इस फिल्म से काफी मेल खाता है। कहानी के स्तर पर न सही लेकिन शो के ट्रीटमेंट, कॉस्ट्यूम्स आदि पर फिल्म की छाप साफ दिखती है। 

ओलंपिक की दुनिया
पालमपुर एक्सप्रेस में खेल भावना को बल दिया गया है। आप समझ सकते हैं कि यह चक दे इंडिया का प्रभाव है कि लोगों को अब खेल विषय से जुडम्े शोज भी पसंद आने लगे हैं। मुख्य किरदार में पूजा कनवाल हैं। पालमपुर एक्सप्रेस में बेशक फिल्म की कहानी की छाप नहीं है, लेकिन जज्बा और जुनून पूरा फिल्म जैसा ही दिखता है।

फिल्मों की कहानी से टीवी सीरियल जबरदस्त तरीके से प्रभावित हो रहे हैं। पहले सीरियल्स में सिर्फ फिल्मों से बैकग्राउंड म्यूजिक और गीत ही लिये जाते थे, लेकिन कहानी के साथ-साथ थीम और सेट आदि भी कॉपी किये जा रहे हैं।

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