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युगपुरुष का सपना पूरा करना चाहेंगे फेडरर

युगपुरुष का सपना पूरा करना चाहेंगे फेडरर

स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर रविवार को जब लगातार सातवीं बार विंबलडन के फाइनल में उतरेंगे तो उनके और इतिहास के बीच बस एक कदम का फासला होगा। दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी फेडरर अगर यह मुकाबला जीतने में कामयाब हुए तो वह युगपुरुष बन जाएंगे। उनके नाम ऐसी उपलब्धि दर्ज होगी जिसका ख्वाब दुनिया का हर टेनिस खिलाड़ी देखता है।

फेडरर ने पिछले महीने अपने कैरियर में पहली बार फ्रेंच ओपन का खिताब जीतकर अमेरिका के पीट सैंप्रास के 14 ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने की बराबरी की थी और अपना कैरियर ग्रैंड स्लैम भी पूरा किया था। स्विट्जरलैंड के फेडरर के लिए रविवार को विंबलडन का फाइनल काफी खास होगा। वैसे भी फेडरर जैसे जीवट वाले खिलाड़ी के लिए इतिहास भी पलक पावड़े बिछाने की तैयारी कर रहा होगा।

फेडरर ने शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल में टामी हास को 7-6, 7-5, 6-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई है। फाइनल में उनका मुकाबला अमेरिका के एंडी रोडिक से होगा लेकिन रोडिक के खिलाफ फेडरर का पलड़ा भारी माना जा रहा है। फेडरर ने दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी रोडिक को वर्ष 2004 और 2005 के विंबलडन फाइनल में मात दी थी।

फेडरर ने अब तक पांच विंबलडन, पांच अमेरीकी, तीन आस्ट्रेलियन और एक बार फ्रेंच ओपन का खिताब अपने नाम किया है। वह बीसवीं बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचे हैं। यानी रोडिक के खिलाफ इस शांत सौम्य खिलाड़ी का पलड़ा कुछ ज्यादा ही भारी है। वैसे भी फेडरर को घसियाली सतह कुछ ज्यादा ही भाती है और उनका विंबलडन का रिकार्ड ही यह बताने के लिए काफी है।

पिछली बार फेडरर दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी स्पेन के राफेल नडाल से करीब पौने पांच घंटे तक चले पांच सेटों के मुकाबले में हार गए थे और लगातार छठी बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीतने से चूक गए थे लेकिन इस बार वह ऐसी अनहोनी नहीं होने देना चाहेंगे। वह नहीं चाहेंगे कि उनके 15 ग्रैंड स्लैम जीत की राह में रोडिक रोड़ा बने।

हालांकि फेडरर रोडिक को कम करके आंकने की भूल नहीं करेंगे। रोडिक ने सेमीफाइनल मुकाबले में ब्रिटेन के एंडी मरे को मैराथन मुकाबले में 6-4, 4-6, 7-6, 7-6 से हराकर फाइनल में स्थान पक्का किया है। रोडिक ने अब तककेवल एक ग्रैंड स्लैम खिताब जीता है। उन्होंने 2003 में अमेरीकी ओपन का खिताब जीता था लेकिन फेडरर के लिए रोडिक से पार पाना आसान नहीं होगा।

ग्रास कोर्ट रोडिक का भी पसंदीदा कोर्ट है और वह इस पर फेडरर को परेशान करने की क्षमता रखते हैं लेकिन फेडरर इस बार हर बाधा को पार पाने के लिए बेताब हैं और रोडिक रूपी बाधा से निपटने के लिए कमर कस चुके होंगे। फेडरर ने सेमीफाइनल मुकाबले में हास को हराने के बाद कहा था कि मैं एक बार फिर विंबलडन के फाइनल में पहुंच गया हूं। अब तो मेरी दिली तमन्ना इस खिताब को जीतकर 15 ग्रैंड स्लैम खिताब पूरे करने की होगी।

जाहिर है छह फुटे फेडरर रविवार को सेंटर कोर्ट की घसीली सतह पर दिलों में अरमान और उम्मीद के साथ उतरेंगे। अपने सामने आने वाली हर बाधाओं को पार करने की क्षमता रखने वाले फेडरर के सामने रोडिक नाम की बाधा होगी और वह इसे अपने ताकतवर सर्विस और रिटर्नो से पार पाने की कोशिश करेंगे।

रविवार को जब दोनों खिलाड़ी आमने-सामने होंगे तो पूरी दुनिया की नजर इस रिकार्ड मैच पर होगी। क्योंकि अगर फेडरर जीते तो वह 15 ग्रैंड स्लैम जीतने वाले दुनिया के पहले खिलाडी बन जाएंगे और अगर रोडिक जीतते है तो वह विंबलडन के फाइनल में दो बार फेडरर के हाथों मिली हार का बदला चुका लेंगे। तो तैयार हो जाइए एक ऐतिहासिक मैच देखने के लिए।

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