class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अपने इलाके की अंबेडकर मूर्ति रोज चेक करे पुलिस : डीआईजी

शहर की नवनियुक्त डीआईजी ने एक नया फरमान निकाला है, जिसमें कहा गया है कि प्रत्येक चौकी इंचार्ज और थाना इंचार्ज रोजना अपने इलाके में लगी अंबेडकर मूर्तियों की जांच करें और देखें कि उनके साथ कहीं कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई है ।

इतना ही नहीं पुलिस अधिकारियों को रोजना अपने पुलिस स्टेशन में रखे रजिस्टर में भी यह बात दर्ज करनी होगी कि इलाके में लगी अंबेडकर मूर्ति को किस वक्त देखा था और उस समय वह ठीक हालत में थी या नहीं, जिस भी पुलिस अधिकारी ने ऐसा नहीं किया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अंबेडकर मूर्ति की इस निगरानी और रजिस्टर में दर्ज रिपोर्ट की मानीटरिंग प्रतिदिन सर्किल आफिसर स्तर का अधिकारी करेगा।

डीआईजी के इस आदेश से शहर के पुलिस अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गयी हैं। अधिकारी यह सोच कर परेशान हैं कि वे अपने इलाकों में छेड़छाड़, बलात्कार, मारपीट और चोरी डकैती की घटनायें रोके या अंबेडकर मूर्तियों की रक्षा करें।

कानपुर की डीआईजी नीरा रावत ने  बताया कि कानपुर के सभी पुलिस थानों और पुलिस चौकियों के प्रभारियों को निर्देश दिये गये है कि वह अपने इलाके में लगी अंबेडकर मूर्ति की हिफाजत सुनिश्चित करें और दिन में एक बार जकर उस मूर्ति को जरूर देखें कि वह ठीक हालत में है या नहीं।

डीआईजी रावतने कहा  कि इसके साथ ही पुलिस स्टेशन के इंचार्ज और चौकी इंचार्ज को यह भी निर्देश दिये गये हैं कि वह पुलिस थाने और पुलिस चौकी के रजिस्टर में यह दर्ज करें कि उन्होंने कितने बजे अम्बेडकर की मूर्ति देखी थी और उस समय वह किस हालत में थी। अंबेडकर मूर्ति के बारे में रजिस्टर में दर्ज इस रिपोर्ट को इलाके का सर्किल आफिसर रोज देखेगा और अगर कोई पुलिस अधिकारी यह दर्ज नहीं करेगा तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

डीआईजी रावत ने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकता अंबेडकर मूर्तियां है। अभी पिछले दिनों शहर के नवाबगंज इलाके में एक अंबेडकर मूर्ति के साथ छेड़छाड़ की गयी थी । इस मामले में इलाके के चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर भी कर दिया गया था । भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो और शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब न हो इस लिये पुलिस अधिकारियों को अंबेडकर मूर्तियों की रोजना जांच करने के निर्देश दिये गये है ।

शहर में नवनियुक्त डीआईजी के अंबेडकर मूर्तियों की देखभाल के इस आदेश से शहर के पुलिस अधिकारियों की जान सांसत में पड़ गयी है । पुलिस सूत्रों के मुताबिक शहर के 44 थानों के अन्तर्गत छोटी बड़ी करीब 250 अंबेडकर मूर्तियां है जो प्रति पुलिस थाने के अन्दर पांच से छह के अनुपात में आती हैं ।

शहर के एक पुलिस स्टेशन, जिसके अन्दर कई अंबेडकर मूर्तियां आती है, के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इससे हमें खासी परेशानी आएगी। अधिकारी का कहना है कि हम इलाके में क्राइम रेट घटायें या अंबेडकर मूर्तियों की चौकीदारी करें ।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि करीब दो साल पहले जब शहर में दो अंबेडकर मूर्तियों के साथ तोड़ फोड़ हुई थी, तो शहर में माहौल काफी तनाव पूर्ण हो गया था। उस समय उन्होंने अपने पुलिस स्टेशन में प्लास्टर आफ पेरिस और अन्य सामान मंगवाकर रख लिया था कि अगर उनके इलाके में कोई मूर्ति तोड़ी जाती है तो बात फैलने के पूर्व वे मूर्ति की मरम्मत करवा कर उसे ठीक करवा देंगे । उन्होंने कहा कि इस बार उनकी योजना है कि वे एक अंबेडकर मूर्ति बनवा कर रख लेंगे ताकि अगर इलाके में मूर्ति टूटे तो तुरंत उसके स्थान पर नयी मूर्ति लगवा दें।

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने अपने पुलिस स्टेशन के सभी पुलिस कर्मियों को आदेश दे दिया है कि वह दिन में एक बार जाकर अंबेडकर मूर्ति की जांच जरूर कर लें ।

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:इलाके की अंबेडकर मूर्ति रोज चेक करे पुलिस : डीआईजी