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रेल बजट में छलकी ममता, किरायों में वृद्धि नहीं

रेल बजट में छलकी ममता, किरायों में वृद्धि नहीं

यात्री किराये और माल भाड़े में कोई बढ़ोतरी नहीं कर आम आदमी पर विशेष फोकस करते हुए रेल मंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को वेंडरों, महिलाओं, पत्रकारों, छात्रों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को विशेष सुविधाएं देने वाला रेल बजट पेश किया।

लोकसभा में 2009-10 का रेल बजट पेश करते हुए ममता ने कहा कि मैं गाड़ियों के किसी भी दर्जे अथवा श्रेणी के यात्री किराये में वृद्धि का प्रस्ताव नहीं करती हूं। इसी तरह मैं माल भाड़ों में भी कोई वृद्धि नहीं करना चाहती हूं। यही नहीं, उन्होंने तत्काल आरक्षण में लगने वाले अतिरिक्त न्यूनतम 150 रूपये के प्रभार को कम करके न्यूनतम 100 रूपये कर दिया है। तत्काल आरक्षण भी अब पांच दिन की बजाय दो दिन पहले कराया जा सकेगा।

ममता ने घोषणा की कि रेलवे के पिछले पांच वर्ष के प्रदर्शन के आधार पर संगठनात्मक, परिचालन और वित्तीय स्थिति के संबंध में वह जल्द ही एक श्वेत पत्र पेश करेंगी। राजग सरकार में रेल मंत्री के रूप में दो बजट पेश करने के बाद संप्रग सरकार में पहली बार रेल बजट पेश करने वाली ममता बनर्जी ने 57 नई रेलगाड़ियों, 27 रेलगाड़ियों का परिचालन क्षेत्र बढ़ाने और 13 रेलों के फेरों में वृद्धि करने की भी घोषणा की। ममता ने 12 नॉन स्टाप, प्वाइंट टू प्वाइंट दूरांत (तुरंत) गाड़ियां चलाने का ऐलान किया। इसके अलावा कम कीमत वाली वातानुकूलित सिटिंग सुविधा वाली नई युवा रेलगाड़ियां जो खास तौर से युवाओं और कम आमदनी वाले वर्र्गों को समर्पित होंगी, चलायी जाएंगी।

ममता ने ऐलान किया कि दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से बड़े शहरों और महानगरों के लिए विशेष रेलगाड़ियां चलायी जाएंगी, जिनका किराया 1500 किलोमीटर के लिए मात्र 299 रुपये तथा 2500 किलोमीटर के लिए 399 रुपये तक होगा। उन्होंने बताया कि तीन महीने के भीतर मुंबई से दिल्ली और दिल्ली से कोलकाता के बीच पायलट आधार पर ये सेवाएं शुरू की जाएंगी।

ममता ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सम्मान के साथ सफर करने का तोहफा देते हुए इज्जत नामक योजना की घोषणा की, जिसके तहत 1500 रुपये तक की मासिक आय वाले असंगठित क्षेत्र के मजदूर 100 किलोमीटर तक की यात्रा 25 रुपये के रियायती मासिक टिकट पर कर सकेंगे।
  
रेल मंत्री ने मीडियाकर्मियों को भी रेल यात्रा पर 30 प्रतिशत की बजाय 50 प्रतिशत की रियायत की घोषणा की। यही नहीं प्रेस संवाददाता के पति या पत्नियों को भी रेल यात्रा में साल में एक बार रेल यात्रा पर 50 प्रतिशत की रियायत मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रेस संवाददाताओं के लिए मौजूदा कूपन पेचीदा प्रणाली को समाप्त कर फोटो पहचान पत्र एवं क्रेडिट कार्ड देने की घोषणा की।

ममता ने देश के 50 विशिष्ट रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय स्टेशनों के रूप में विकसित करने और 375 स्टेशनों को आदर्श स्टेशनों के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने मुंबई की तर्ज पर दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में भी कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए उपनगरीय महिला स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की।

ममता ने रेलवे परियोजनाएं बनाने की सोच में आमूल-चूल परिवर्तन का आहवान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब हमारे अर्थशास्त्रियों और सामाजिक चिन्तकों को सोचना होगा कि गरीबों और वंचितों का उत्थान किसी भी सरकार या समाज का प्रमुख कल्याणकारी कार्य होना चाहिए और आर्थिक व्यवहारिकता की पुरानी सोच के बदले सामाजिक व्यावहारिकता की बात पर विचार करना चाहिए।

ममता ने इसके लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने की  घोषणा की, जो उन्हें यह सलाह देगी कि ऐसे तथाकथित आर्थिक रूप से गैर व्यवहारिक परंतु सामाजिक दृष्टि से आवश्यक परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण और उनके कार्यान्वयन के लिए कौन से नये उपाय हो सकते हैं। रेल मंत्री के रूप में प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए ममता ने यात्री सुविधाओं, साफ-सफाई, रेलवे खानपान की गुणवत्ता, संरक्षा एवं सुरक्षा और समय पालन को गिनाया।

पिछली संप्रग सरकार में रेल मंत्री रहे लालू प्रसाद की टोकाटाकी के बीच ममता ने मंत्रालय के पिछले पांच साल के प्रदर्शन पर टिप्पणी सी करते हुए कहा कि अपना कार्यभार संभालने के बाद मुझे समग्र यात्री सुविधाओं के बारे में बिगड़ती हुई स्थिति के संबंध में लगातार शिकायतों का सामना करना पड़ा है इसलिए यात्री सुविधाओं, साफ-सफाई, रेलवे खानपान की गुणवत्ता, संरक्षा एवं सुरक्षा तथा समयपालन के क्षेत्रों में दृष्टिगोचर सुधार करना मेरी प्राथमिकता होगी।

ममता ने लंबी दूरी की गाड़ियों में कम से कम एक डाक्टर की तैनाती का भी प्रस्ताव रखा। प्रारंभ में ऐसा चेन्नई, बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, कोलकाता और भुवनेश्वर में एंबुलेंस सेवाएं प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए अनारक्षित टिकट प्रणाली (यूटीएस) मां माटी मानुष तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 5000 डाकघरों से कंप्यूटरीकृत टिकट बेचने की घोषणा की।

इसके अलावा ममता ने मोबाइल वैन से टिकटों की खरीद फरोख्त के लिए मुश्किल आसान नामक सेवा शुरू करने का ऐलान किया। इसके तहत इस वर्ष देश भर में 50 ऐसी मोबाइल टिकट बिक्री वैन मुहल्ले-मुहल्ले घूमकर रेल टिकट बेचेंगी। उन्होंने सुपरफास्ट पार्सल एक्सप्रेस गाड़ियां चलाने की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि तीव्रतर पार्सल सेवा नामक यह प्रीमियम पार्सल सेवा शुरुआत में तीन रूटों तुगलकाबाद (दिल्ली) और रोयापुरम (चेन्नई), तुगलकाबाद-वापी (मुंबई के निकट) और तुगलकाबाद-हावड़ा के बीच शुरू की जाएगी। ममता ने बताया कि इस तीव्रतर पार्सल सेवा के तहत गारंटीशुदा पारगमन समय होगा और इसकी बुकिंग वेब आधारित होगी।

छात्रों को टिकट रियायत की घोषणा करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि बालिकाओं के लिए स्नातक स्तर तथा बालकों के लिए 12वीं स्तर के स्कूल से घर के बीच द्वितीय श्रेणी की यात्रा के लिए निःशुल्क मासिक सीजन टिकट अब मदरसा, उच्च मदरसा तथा सीनियर मदरसा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी दी जाएंगी।

ममता ने किसानों के उत्पादों के लिए विशेष गाड़ियां चलाकर दूसरी हरित क्रान्ति में रेलवे के योगदान का भी प्रस्ताव किया। उन्होंने कहा कि देश में फल और सब्जियों के बेकार हो जाने के कारण हर साल 35,000 से 40,000 करोड़ रुपये का अनावश्यक नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि रेलवे का फलों और सब्जियों एवं मछलियों जैसे नष्ट हो सकने वाले उत्पादों को उनके चिन्हित उत्पादन स्थलों से उपभोक्ता केन्द्र तक पहुंचाने के लिए विशेष रेलगाड़ियां चलाने का प्रस्ताव है।

ममता ने बताया कि इन गाड़ियों में ऐसी व्यवस्था होगी कि नाशवान उत्पादों की गुणवत्ता और ताजगी बरकरार रखी जा सकेगी। उन्होंने पश्चिमी तथा पूर्वी मार्गों पर समर्पित माल यातायात गलियारा परियोजना को डायमंड रेल गलियारा का नया नाम दिया। उन्होंने काचरापाड़ा हालिशहर रेलवे परिसर में प्रति वर्ष 500 सवारी डिब्बा निर्माण क्षमता वाले अत्याधुनिक नये रेल कोच कारखाना स्थापित करने की भी घोषणा की।

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