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पार्षद राजेश भाटिया ने सख्त कार्रवाई की मांग की

कोड़ियों के भाव नगर निगम से जमीन लेने वाले जीबीएन स्कूल का मामला निगमायुक्त सीआर राणा खुद देखेंगे। दोषी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। लीज रद्द होने से लेकर भारी जुर्माना लग सकता है। जीबीएन का मामला प्रकाश में आने के बाद लीज के नियमों की अवहेलना करने वाले स्कूलों रिकार्ड अफसरों ने खंगालना शुरू कर दिया है। पार्षद राजेश भाटिया ने दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।


जीबीएन ने 99 साल के पट्टे पर नगर निगम से करीब सवा एकड़ जमीन ली हुई है। 60 रुपये सालाना किराया स्कूल प्रबंधन देता है। जबकि बच्चों से भारी फीस वसूल रहा है। फीस वृद्धि मामले में यहां अभिभावकों ने काफी विरोध प्रदर्शन भी किए। लोगों ने जब स्कूल का इतिहास खंगाला तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कृष्ण लाल गेरा ने प्रबंधन पर निगम से अनुमति के बिना स्कूल प्रबंधन पर बिल्डिंग बनाने का आरोप लगाया है। जबकि लीज में एक बार नक्शा पास होने के बाद उसमें छेड़खानी पर पाबंदी है। फीस बढ़ाने से पहले निगम को सूचित करना होग। बहरहाल, ज्वाइंट कमिश्नर सतीश पाराशर ने इस स्कूल को नोटिस जारी किया है। जिसमें लीज के नियमों में छेड़खानी करने की बाबत जवाब मांगा है। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन समिति, स्कूल की सोसायटी, चिल्ड्रेन वेलफेयर सोसायटी के सदस्यों की सूची मांगी है। निगमायुक्त को यह जवाब देना होगा। पार्षद राजेश भाटिया का कहना है कि नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। शिक्षा के मंदिर में बच्चों शिक्षा देने वाले ही जब गलत काम पर उतर आएंगे तो समाज की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

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